Jharkhand

झारखंड पुलिस के 31 सब-इंस्पेक्टर बनेंगे इंस्पेक्टर, मुख्यालय ने जारी किया आदेश

Diksha Benipuri
Diksha Benipuri
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RANCHI:झारखंड पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत 31 अधिकारियों के लिए प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है. झारखंड पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक जैप संवर्ग में सब-इंस्पेक्टर से इंस्पेक्टर पद पर प्रोन्नति के लिए चयन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. विभागीय बोर्ड की बैठक में अधिकारियों के सेवा अभिलेखों की समीक्षा के बाद 31 सब-इंस्पेक्टरों को पदोन्नति के लिए योग्य पाया गया है. हालांकि, पुलिस मुख्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि जारी सूची को अंतिम प्रोन्नति आदेश नहीं माना जाएगा.

प्रमोशन से संबंधित निर्णय के लिए उच्चस्तरीय चयन बोर्ड की बैठक डीजीपी तदाशा मिश्र की अध्यक्षता में हुई. बैठक में एडीजी मुख्यालय मनोज कौशिक, आईजी विशेष शाखा प्रभात कुमार, आईजी संगठित अपराध असीम विक्रांत मिंज और आईजी मानवाधिकार पंकज कम्बोज सदस्य के रूप में शामिल रहे. बोर्ड ने अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड और निर्धारित मानकों के आधार पर उनकी पात्रता की समीक्षा की.

गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से स्वीकृत रोस्टर के अनुसार इंस्पेक्टर स्तर पर कुल 32 पद रिक्त थे. इनमें 28 पद अनारक्षित और 4 पद अनुसूचित जनजाति श्रेणी के लिए निर्धारित थे. इन रिक्तियों के विरुद्ध प्रमोशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई. चयन बोर्ड के सामने कुल 62 सब-इंस्पेक्टरों के सेवा अभिलेख रखे गए थे. सभी रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद 31 अधिकारियों को प्रोन्नति के लिए उपयुक्त माना गया.

प्रोन्नति के लिए योग्य अधिकारियों में बरमेश्वर ओझा, रामाशंकर सिंह, रवि शंकर सिंह, उपेन्द्र सिंह, महेन्द्र राय, विश्वम्भर चन्द्र किशोर, मो. फिरोज आलम, मो. शहावउद्दीन, शिवलाल यादव, प्रहलाद प्रसाद, विनय कुमार सिंह, बुचुन पाल, जितेन्द्र सिंह और अरूण कुमार शामिल हैं.

इसके अलावा महेन्द्र शर्मा, रामभवन सिंह, श्रीहरी तिवारी, रवीन्द्र चौधरी, कपिलदेव महतो, हैदर अली खां, मनोज कुमार सिंह, सत्येन्द्र नारायण सिंह, कुमार पुरूषोत्तम सिंह, अरूण कुमार सिंह, मनोज कुमार, यशवंत कुमार सोय, सत्यदेव उरांव, विक्टर विनय मिंज, छठुलाल मराण्डी, विश्वनाथ बोदरा और डिबरू टोप्पो भी सूची में शामिल हैं.

पुलिस मुख्यालय के अनुसार यह सूची चयन प्रक्रिया के दौरान पात्र पाए गए अधिकारियों से संबंधित है. इसे अंतिम पदोन्नति आदेश नहीं माना जाएगा. अंतिम प्रक्रिया और औपचारिक आदेश जारी होने के बाद ही संबंधित अधिकारियों की इंस्पेक्टर पद पर प्रोन्नति प्रभावी मानी जाएगी.