रांची (RANCHI): झारखंड में 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अब आंदोलन की राह पर हैं. कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि अगर उनकी समस्याओं पर जल्द कोई फैसला नहीं लिया गया तो विरोध धीरे-धीरे तेज किया जाएगा. फिलहाल 10 से 12 सितंबर तक सभी कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे. यानी इन तीन दिनों तक एंबुलेंस सेवा चलती रहेगी, लेकिन कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर अपना विरोध जताएंगे.
कर्मचारियों का कहना है कि NHM और आउटसोर्सिंग व्यवस्था से जुड़ी कई समस्याएं लंबे समय से चली आ रही हैं. अपनी मांगों को लेकर वे पहले भी आवाज उठा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला. इसी वजह से कर्मचारियों ने इस बार चरणबद्ध आंदोलन का रास्ता चुना है.
21 को धरना, 28 सितंबर से हड़ताल की तैयारी
काला बिल्ला लगाकर विरोध करने के बाद भी बात नहीं बनी तो कर्मचारी 21 सितंबर को धरना देंगे और भिक्षाटन कर अपना विरोध जताएंगे. इसके जरिए कर्मचारी सरकार और संबंधित अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश करेंगे.
कर्मचारियों का कहना है कि वे नहीं चाहते कि एंबुलेंस सेवा बंद हो और इसका असर मरीजों पर पड़े. लेकिन लंबे समय से मांगें पूरी नहीं होने के कारण उनके पास आंदोलन के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है. अगर 21 सितंबर के प्रदर्शन के बाद भी उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक पहल नहीं होती है तो 28 सितंबर से कर्मचारी पूरी तरह हड़ताल पर जा सकते हैं. इसके साथ ही 108 एंबुलेंस का चक्का जाम करने की चेतावनी भी दी गई है.
अगर ऐसा होता है तो इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ सकता है. 108 एंबुलेंस सेवा सड़क हादसों से लेकर दूसरी मेडिकल इमरजेंसी में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने का काम करती है. खासकर ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में कई परिवार इसी सेवा पर निर्भर हैं. अब नजर सरकार और संबंधित विभाग के अगले कदम पर है. कर्मचारियों को उम्मीद है कि 28 सितंबर से पहले उनकी मांगों पर बातचीत होगी और कोई रास्ता निकलेगा, ताकि एंबुलेंस सेवा बंद करने जैसी स्थिति न आए.