TNP Desk: शारदीय नवरात्र के अवसर पर झारखंड के प्रसिद्ध रजरप्पा मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. देश के कोने-कोने से भक्त मां छिन्नमस्तिका के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं. नवरात्र के नौ दिनों तक मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. इस दौरान मंदिर को फूलों से सजाया जाता है और श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की जाती है
नवरात्र में तंत्र साधना के लिए भी पहुंचते हैं साधक
रजरप्पा मंदिर को श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है. नवरात्र के दौरान यहां सामान्य भक्तों के साथ-साथ तांत्रिक साधना करने वाले साधक भी पहुंचते हैं. मान्यता है कि मां छिन्नमस्तिका के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मन्नत पूरी होती है. मन्नत पूरी होने पर कई श्रद्धालु मंदिर में बकरे की बलि भी देते हैं. मंदिर में मन्नत मांगने की एक विशेष परंपरा भी प्रचलित है. श्रद्धालु पत्थर पर मौली का धागा बांधकर अपनी मनोकामना मांगते हैं. मन्नत पूरी होने के बाद वे दोबारा मंदिर पहुंचकर उस धागे को खोलते हैं.
नौ दिनों तक मां की विशेष पूजा और अलग-अलग भोग
आपको बता दें कि रजरप्पा मंदिर का इतिहास 600 साल पुराना है. यहाँ शारदीय नवरात्र के सभी नौ दिनों में मां की विशेष पूजा की जाती है. इस दौरान प्रतिदिन अलग-अलग प्रकार के भोग अर्पित किए जाते हैं. मां को चढ़ाए गए भोग का प्रसाद आम से लेकर खास श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया जाता है.
मंदिर के पुजारी छोटू पंडा ने बताया कि नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है. इस अवसर पर आम श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की भी व्यवस्था की गई है, ताकि भक्त पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद ग्रहण कर सकें.
रिपोर्ट: अनुज कुमार
