रामगढ़(RAMGARH): मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने शुक्रवार सुबह नेमरा में अपने पैतृक आवास पर परिजनों के साथ स्थानीय परंपराओं और रीति-रिवाजों के हिसाब से अपनी मां रूपी सोरेन के निमित्त भोजन परोसने की पारंपरिक रस्म निभाई, मौके पर उन्होंने पारिवारिक परंपराओं और रीति-रिवाजों का पालन करते हुए अपनी दिवंगत माता की यादों से जुड़े पारंपरिक संस्कारों को निभाया.
7 तारीख को हुई थी मौत
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की मां रूपी सोरेन लंबे समय से बीमार चल रही थी, और 7 अक्टूबर को रूपी सोरेन ने निजी अस्पताल मे अपनी अंतिम सांसे ली. रूपी सोरेन के निधन के बाद गुरुवार को पैतृक गाँव नेमरा में राजकीय सम्मान के साथ उनको अंतिम बिदाई दी गई.
टूट चुके हैं बेटे हेमंत सोरेन
पिता शिबू सोरेन के जाने के बाद अब मां रूपी सोरेन को खोने का गम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए बेहद गहरा है. मां के निधन ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया है. अंतिम विदाई के दौरान हेमंत सोरेन की आंखों में आंसू थे, जो एक बेटे के दिल में छिपे दर्द को बयां कर रहे थे. राजनीति और सार्वजनिक जीवन में बड़ी जिम्मेदारियां निभाने वाले हेमंत सोरेन के लिए यह समय निजी तौर पर बेहद कठिन है. एक तरफ राज्य के मुख्यमंत्री होने की जिम्मेदारी है, तो दूसरी तरफ मां को खोने का ऐसा दुख, जिसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं है. मां-बाप का साया सिर से उठ जाना किसी भी इंसान के जीवन में एक बड़ी कमी छोड़ जाता है. अब मां की यादें और उनके साथ बिताए पल ही हेमंत सोरेन के पास उनकी अनमोल धरोहर हैं. नेमरा में पारंपरिक रस्म निभाते हुए भी वह अपनी मां से जुड़े संस्कारों और पारिवारिक परंपराओं को आगे बढ़ाते नजर आए.