Jharkhand

हुसैनाबाद छोटू सिंह हत्याकांड में बड़ा मोड़, पिता ने 10 लोगों पर लगाया साजिश का आरोप, परिवार की सुरक्षा मांगी

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

पलामू (PALAMU): हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के पुरन्दर बिगहा में 2 सितंबर की रात हुई ओम प्रकाश सिंह उर्फ छोटू सिंह की गोली मारकर हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है. मृतक के पिता भुवनेश्वर प्रसाद सिंह उर्फ भूलन सिंह ने हुसैनाबाद थाना में लिखित आवेदन देकर 10 लोगों को नामजद किया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके बेटे की हत्या सुनियोजित साजिश के तहत की गई. साथ ही परिवार की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस से गुहार लगाई है.

पिता की ओर से थाने में दिए गए आवेदन के मुताबिक, 2 सितंबर की रात करीब 8:30 बजे छोटू सिंह घर का सामान खरीदने के लिए बाजार निकला था. इसी दौरान मनीष यादव ने उसकी गाड़ी रुकवाई और बातचीत करने की बात कही. आरोप है कि इसके बाद साकेत पाठक भी गाड़ी में बैठ गया और छोटू को पुरन्दर बिगहा की ओर ले जाया गया. आवेदन में दावा किया गया है कि इस दौरान चार मोटरसाइकिलों से छोटू की गाड़ी का पीछा किया जा रहा था. मृतक के पिता ने इसे हत्या की कथित साजिश के तहत की जा रही रेकी बताया है.

पेट और कनपटी में गोली मारने का आरोप
मृतक के पिता ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि पुरन्दर बिगहा पहुंचने के बाद साकेत पाठक ने छोटू सिंह के पेट में गोली मारी. इसके बाद मनीष यादव ने उसकी कनपटी में गोली मार दी. आरोप के अनुसार, गोली लगने के बाद छोटू ने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन इशू प्रताप सिंह उर्फ भिन्डी सिंह ने उसकी कनपटी में दोबारा गोली मार दी. पिता का यह भी आरोप है कि छोटू के जमीन पर गिरने के बाद निखिल सिंह और नीतीश तिवारी ने भी फायरिंग की, जबकि अन्य आरोपियों ने हवाई फायरिंग की.

मृतक के पिता ने अपने आवेदन में साकेत पाठक, इशू प्रताप सिंह उर्फ भिन्डी सिंह, मनीष यादव, निखिल सिंह, सिटु सिंह, सुधीर पाठक, नीतीश तिवारी, सौरभ पाठक, रवि सिंह और पीयूष कुमार को नामजद किया है. आवेदन में आरोप लगाया गया है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी हथियार लहराते हुए दंगवार रोड की तरफ फरार हो गए. पिता ने यह भी आशंका जताई है कि हत्या की साजिश में कुछ अन्य अज्ञात लोग भी शामिल हो सकते हैं.

छोटू सिंह की हत्या के बाद उसके परिवार में डर का माहौल है. मृतक के पिता ने पुलिस को बताया कि उन्हें आशंका है कि नामजद आरोपियों या उनके सहयोगियों की ओर से परिवार के किसी अन्य सदस्य को भी निशाना बनाया जा सकता है. उन्होंने पुलिस से पूरे परिवार को तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने, प्राथमिकी दर्ज कर मामले की गहराई से जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है. साथ ही कहा है कि जांच के दौरान अगर साजिश में शामिल अन्य लोगों के नाम सामने आते हैं तो इसकी जानकारी पुलिस को दी जाएगी. मामले में पुलिस अब मृतक के पिता की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है. हत्याकांड से जुड़े घटनाक्रम, नामजद आरोपियों की भूमिका और कथित साजिश की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. हालांकि, आवेदन में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.