Jharkhand

आईटीबीपी जवान संजय पासवान को नम आंखों से अंतिम विदाई, सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

Samir Hussain
सीनियर रिपोर्टर
आईटीबीपी जवान संजय पासवान को नम आंखों से अंतिम विदाई, सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

पलामू(PALAMU): जिले के मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत बरवाडीह गांव निवासी एवं भारत- तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान संजय पासवान के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है.लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे संजय पासवान का दिल्ली में इलाज के दौरान 3 जून की सुबह निधन हो गया. उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार सहित पूरे गांव में मातम छा गया.

जानकारी के अनुसार संजय पासवान वर्ष 2002 में आईटीबीपी में नियुक्त हुए थे और देश की सेवा में पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे थे. पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. चिकित्सकों के अथक प्रयास के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका और 3 जून की सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली.

उनके पार्थिव शरीर को दिल्ली से उनके पैतृक गांव मोहम्मदगंज थाना के बरवाडीह लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. जैसे ही जवान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, परिजनों के साथ-साथ ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं. क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न संगठनों के लोग भी उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे..

अंतिम संस्कार पूरे राजकीय एवं सैन्य सम्मान के साथ किया गया. इस दौरान आईटीबीपी के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए फायरिंग सलामी दी. सलामी के दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया और उपस्थित लोगों ने "संजय पासवान अमर रहें" तथा "भारत माता की जय" के नारों के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी.

अंतिम संस्कार में आसपास के गांवों से हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए.सभी ने दिवंगत जवान के देश सेवा के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित की. ग्रामीणों ने कहा कि संजय पासवान न केवल एक बहादुर सैनिक थे, बल्कि सरल, मिलनसार और समाज के प्रति समर्पित व्यक्तित्व के धनी भी थे. उनके निधन से क्षेत्र ने एक सच्चा सपूत खो दिया है. पारिवारिक सूत्रों के अनुसार संजय पासवान अपने पीछे एक पुत्र, एक पुत्री, पत्नी सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं. वे अपने भाइयों में तीसरे नंबर पर थे. उनके असामयिक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था.मुखिया सुदर्शन पासवान ने कहा कि संजय पासवान ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय देश की सीमाओं की रक्षा में समर्पित किया और हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा. उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा. उनकी स्मृतियां हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी और क्षेत्र उन्हें एक कर्तव्यनिष्ठ एवं साहसी जवान के रूप में याद रखेगा.