पलामू (PALAMU): सोहया पहाड़ के दमदमी गांव के समीप स्थित एक जलभरावयुक्त खदान का गहरा गड्ढा एक परिवार की खुशियां निगल गया. पतरा खुर्द निवासी युवक लवकुश कुमार के पानी में डूबने के 20 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल पाया है. बेटे की एक झलक पाने की उम्मीद में परिजनों की निगाहें लगातार उसी गहरे पानी पर टिकी हुई हैं, जहां वह लापता हुआ था.
घटना के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. मां-बाप और अन्य परिजन घटनास्थल पर बैठे हर पल किसी चमत्कार की आस लगाए हुए हैं. गांव में मातम पसरा हुआ है और हर किसी की जुबान पर सिर्फ लवकुश का नाम है. घटना से नाराज ग्रामीणों ने जपला-छतरपुर मुख्य मार्ग के सामूडीह मोड़ पर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया. ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में कई खदानें सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए संचालित हो रही हैं. खनन के बाद छोड़े गए गहरे और खुले गड्ढे लगातार लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं.
मामले की जानकारी मिलते ही पूर्व मंत्री कमलेश कुमार सिंह भी घटनास्थल पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की. उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर नाराजगी जताई और सवाल उठाया कि आखिर कब तक असुरक्षित और अवैध खनन स्थलों की वजह से लोगों की जान जाती रहेगी. उन्होंने दोषी खदान संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, अवैध खनन पर रोक और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की.
इधर प्रशासन ने युवक की तलाश के लिए एनडीआरएफ की मदद लेने का निर्णय लिया है. हुसैनाबाद के एसडीपीओ दिव्यांश शुक्ला ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम क्षेत्र में पहुंच रही है. टीम के आने के बाद गहरे पानी में विशेष सर्च ऑपरेशन चलाकर लवकुश की तलाश की जाएगी. हालांकि सड़क जाम देर रात समाप्त हो गया, लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा अभी भी शांत नहीं हुआ है. पूरे इलाके में एक ही सवाल गूंज रहा है कि क्या हर बार किसी की जान जाने के बाद ही कार्रवाई होगी, या फिर प्रशासन समय रहते ऐसे खतरनाक और परित्यक्त खनन स्थलों पर लगाम लगाएगा?