Jharkhand

पलामू में फ्लाईओवर निर्माण बना रणक्षेत्र, मुआवजे को लेकर ग्रामीण और प्रशासन के बीच हुई हिंसक झड़प, कई घायल

Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor
पलामू में फ्लाईओवर निर्माण बना रणक्षेत्र, मुआवजे को लेकर ग्रामीण और प्रशासन के बीच हुई हिंसक झड़प, कई घायल

पलामू (PALAMU): पलामू में राष्ट्रीय राजमार्ग-39 (NH-39) पर बन रहे फ्लाईओवर को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद गुरुवार को अचानक हिंसक रूप ले बैठा. जमीन अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर नाराज ग्रामीणों और प्रशासनिक टीम के बीच तीखी झड़प हो गई. देखते ही देखते स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया. इस दौरान कई ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है. सभी घायलों को इलाज के लिए मेदिनीनगर मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MMCH) भेजा गया है. घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया, जिसके मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.

जानकारी के अनुसार, चियांकी में निर्माणाधीन फ्लाईओवर परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे को लेकर ग्रामीण लंबे समय से विरोध कर रहे हैं. गुरुवार को प्रशासनिक टीम निर्माण कार्य आगे बढ़ाने के उद्देश्य से मौके पर पहुंची थी, लेकिन बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां जमा हो गए और काम रोकने की मांग करने लगे. देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए. हालात बिगड़ने पर पथराव शुरू हो गया, जिससे कई लोग घायल हो गए. घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना प्रभारी अफजाल अंसारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की. पुलिस ने किसी तरह हालात पर काबू पाया और क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया. फिलहाल पूरे इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है.

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पहले ही एहतियातन भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी थी. इसके बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण निर्माण स्थल पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे हालात बिगड़ गए. ग्रामीणों का कहना है कि जब तक अधिग्रहित जमीन का उचित और पूर्ण मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक फ्लाईओवर का निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा. उनका आरोप है कि मुआवजा प्रक्रिया में अनावश्यक देरी की जा रही है और प्रभावित लोगों की मांगों की अनदेखी की जा रही है.

वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मुआवजे से संबंधित कुछ तकनीकी और दस्तावेजी प्रक्रियाएं अभी पूरी की जा रही हैं. अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि सभी लंबित मामलों का जल्द समाधान किया जाएगा और पात्र लोगों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा. फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं. क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. साथ ही पूरे मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है, ताकि हिंसक झड़प की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके.