पलामू (PALAMU): खराब सड़क की वजह से कभी स्कूल पहुंचने में देर हो जाती थी, तो कभी रास्ते में कपड़े गंदे हो जाते थे. कई बार सड़क की हालत इतनी खराब होती थी कि साइकिल से स्कूल जाना ही मुश्किल हो जाता था. कक्षा 10 में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए यह परेशानी इसलिए भी बड़ी थी, क्योंकि बोर्ड परीक्षा की तैयारी चल रही है. छात्राओं ने अपनी समस्या कई जगह बताई, लेकिन जब कहीं से समाधान नहीं मिला तो उन्होंने सीधे उपायुक्त के सामने अपनी बात रखने का फैसला किया. जन समाधान दिवस में छात्राओं ने अपनी परेशानी बताई तो उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने मामले का तुरंत संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को सड़क को चलने लायक बनाने का निर्देश दिया.
गड्ढों से भरी सड़क बनी परेशानी
पाटन प्रखंड के किसैनी गांव की ये छात्राएं रोज साइकिल से स्कूल जाती हैं. लेकिन बारिश के बाद गांव से स्कूल जाने वाली सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं. ऐसे में साइकिल से सफर करना उनके लिए काफी मुश्किल हो गया है.
छात्राओं ने बताया कि खराब सड़क के कारण कई बार स्कूल पहुंचने में देर हो जाती है. बारिश के दौरान रास्ते में कपड़े और स्कूल ड्रेस तक गंदे हो जाते हैं. कई बार साइकिल चलाते समय गिरने से चोट भी लग चुकी है. इस वजह से अभिभावक भी बेटियों को स्कूल भेजने को लेकर चिंतित रहने लगे हैं. इसका असर उनकी पढ़ाई पर भी पड़ रहा था. कक्षा 10 की छात्राओं ने बताया कि बोर्ड परीक्षा नजदीक है और ऐसे समय में स्कूल आने-जाने में परेशानी होने से उनकी तैयारी प्रभावित हो सकती है.
जब नहीं सुनी गई बात तो DC से लगाई गुहार
लगातार परेशानी के बावजूद जब सड़क की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो छात्राओं ने जन समाधान दिवस में उपायुक्त के सामने अपनी बात रखी. उन्होंने अपनी समस्या बताते हुए सड़क को जल्द ठीक कराने की मांग की. छात्राओं की परेशानी सुनने के बाद उपायुक्त ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया. उन्होंने कहा कि सड़क का स्थायी निर्माण कराने में समय लग सकता है, लेकिन फिलहाल इसे आवागमन के लायक जरूर बनाया जा सकता है.
सड़क को चलने लायक बनाने का निर्देश
उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को सड़क पर डस्ट और जरूरत के मुताबिक अन्य सामग्री डालकर तत्काल उसे चलने योग्य बनाने का निर्देश दिया. इससे छात्राओं को स्कूल आने-जाने में राहत मिलने की उम्मीद है और उनकी पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी. जन समाधान दिवस में इसके अलावा भूमि विवाद, सार्वजनिक रास्ता रोकने, अपात्र लोगों को पीएम आवास मिलने, दाखिल-खारिज, राजस्व, स्वास्थ्य, आपूर्ति, पेयजल, शिक्षा और कल्याण विभाग से जुड़े कई आवेदन भी सामने आए.