Jharkhand

स्कूलों में मीडिया रिपोर्टिंग पर उठे सवाल, पत्रकारों ने डीसी से मिलकर सौंपा ज्ञापन

Saumya Shukla
Saumya Shukla
Reporter | Copy Editor

पाकुड़([PAKUR): सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों में मीडिया रिपोर्टिंग को लेकर स्थानीय पत्रकारों ने सवाल उठाए हैं. इस मामले में पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मुलाकात की और अपनी बात रखी. साथ ही उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया.

मामला जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से 15 सितंबर को जारी एक आदेश से जुड़ा है. आदेश में स्कूलों में बाहरी लोगों के अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगाने की बात कही गई थी. इसके साथ ही बिना अनुमति स्कूल से संबंधित जानकारी, आंकड़े और फोटो उपलब्ध नहीं कराने का निर्देश दिया गया था.

पत्रकारों ने कहा, जनहित के मुद्दों की रिपोर्टिंग जरूरी

आदेश सामने आने के बाद स्थानीय पत्रकारों ने सवाल उठाया कि स्कूलों में मौजूद बुनियादी समस्याओं की जमीनी रिपोर्टिंग कैसे होगी. पत्रकारों का कहना था कि मध्याह्न भोजन, शिक्षकों की अनुपस्थिति, जर्जर भवन, पेयजल, शौचालय, बिजली और बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी परेशानी जैसे मुद्दे सीधे जनहित से जुड़े होते हैं.

पत्रकारों ने उपायुक्त से कहा कि उनका मकसद किसी स्कूल या विभाग की छवि खराब करना नहीं है. रिपोर्टिंग के जरिए जमीनी समस्याओं को प्रशासन और संबंधित विभाग के सामने लाने का प्रयास किया जाता है, ताकि उनका समाधान हो सके.

प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि स्थानीय अधिकृत पत्रकारों के लिए स्कूलों में रिपोर्टिंग पर कोई रोक नहीं है. उन्होंने बताया कि बोकारो के एक स्कूल की घटना को पाकुड़ के स्कूल से जोड़कर पेश किए जाने का मामला सामने आया था. इसी संदर्भ में जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से यह आदेश जारी किया गया था.

पत्रकारों ने मांग की कि स्कूलों की सुरक्षा और अनुशासन का ध्यान रखने के साथ ही पारदर्शिता और स्वतंत्र पत्रकारिता के बीच संतुलन बनाया जाए.

इस दौरान प्रीतम सिंह यादव, सतनाम सिंह, सुदीप त्रिवेदी, बलराम ठाकुर और सन्नी दत्ता समेत कई स्थानीय पत्रकार मौजूद रहे.

रिपोर्ट - विकास कुमार