पाकुड़(PAKUR): झारखंड में SIR को लेकर राज्य भर में अभियान जारी है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार अलग अलग जिला जाकर खुद निरक्षण करते हुए नजर आ रहे है. इसी को लेकर उन्होंने लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का औचक निरीक्षण कर SIR कार्यों की प्रगति और व्यवस्थाओं का जायजा लिया.`2 उन्होंने लिट्टीपाड़ा प्रखंड के झेनागड़िया उत्क्रमित विद्यालय स्थित मतदान केंद्र संख्या 95 और 96 तथा कमलघाटी पंचायत भवन स्थित मतदान केंद्र संख्या 75 का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने मतदान केंद्रों पर चल रहे SIR से जुड़े कार्यों की जानकारी ली और अधिकारियों एवं कर्मियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने यह भी देखा कि मतदाताओं के दस्तावेजों के सत्यापन और अन्य प्रक्रियाओं का काम निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जा रहा है या नहीं. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए प्रक्रिया में पारदर्शिता और शुद्धता बनाए रखने पर जोर दिया.
इसके बाद के. रवि कुमार ने हिरणपुर प्रखंड का भी दौरा किया. उन्होंने राजकीयकृत +2 उच्च विद्यालय, हिरणपुर स्थित मतदान केंद्र संख्या 127 और 128 का निरीक्षण किया. यहां उन्होंने SIR कार्यों की प्रगति, मतदाताओं से संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन और मतदान केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से कहा गया कि SIR प्रक्रिया के तहत किसी भी पात्र मतदाता का नाम छूटने न पाए और दस्तावेजों से जुड़ी समस्याओं का समाधान नियमानुसार किया जाए. उन्होंने BLO और अन्य संबंधित कर्मियों से भी फीडबैक लिया तथा कार्य में तेजी लाने के साथ-साथ निर्धारित प्रक्रिया का पूरी तरह पालन करने के निर्देश दिए. निरीक्षण के दौरान मतदाताओं को SIR से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने नो-मैप वाले मतदाताओं के सत्यापन को लेकर भी विशेष ध्यान दिया. उन्होंने ऐसे मतदाताओं के घर-घर जाकर उनके दस्तावेजों की स्थिति देखी और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे SIR प्रक्रिया के दौरान मांगे गए दस्तावेजों को तैयार रखें और किसी भी तरह की शंका होने पर संबंधित BLO से संपर्क करें. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए जमीनी स्तर पर सत्यापन बेहद महत्वपूर्ण है. औचक निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे पूरी प्रक्रिया में निष्पक्षता, पारदर्शिता और सावधानी बरतें, ताकि योग्य मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो.
