Jharkhand

17.55 लाख का सरकारी धान डकार गए साहब? गोदाम से गायब मिले 716 क्विंटल, लैम्प्स अध्यक्ष समेत दो पर FIR दर्ज

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

पाकुड़ (PAKUR): झारखंड के पाकुड़ जिले में सरकारी धान अधिप्राप्ति (खरीद) योजना में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है. महेशपुर प्रखंड के कानीझाड़ा लैम्प्स (MPCS) में सरकारी रिकॉर्ड और वास्तविक भंडारण के बीच भारी अंतर मिलने के बाद सहकारिता विभाग की शिकायत पर लैम्प्स अध्यक्ष और सदस्य सचिव के खिलाफ महेशपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है. शुरुआती जांच में करीब 17.55 लाख रुपये मूल्य के 716.55 क्विंटल धान के गायब होने का खुलासा हुआ है. पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुट गई है.

सरकारी रिकॉर्ड और गोदाम की स्थिति में मिला बड़ा अंतर
जानकारी के अनुसार, खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के दौरान कानीझाड़ा लैम्प्स ने किसानों से कुल 3,098.80 क्विंटल धान की खरीद की थी. नियमानुसार इस धान को साहेबगंज जिले के बरहरवा स्थित भगवान न्यूट्रीशन फूड प्राइवेट लिमिटेड राइस मिल तक भेजा जाना था. झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम तथा राइस मिल के उपलब्ध चालान और अभिलेखों के आधार पर गोदाम में 734.20 क्विंटल धान शेष होना चाहिए था. लेकिन जब 15 जुलाई 2026 को विभागीय जनसेवक ने गोदाम का भौतिक सत्यापन किया, तो रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती स्थिति सामने आई. जांच में बड़ी मात्रा में धान गायब पाया गया, जिससे सरकारी खरीद प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए.

17.55 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान
प्राथमिक जांच के आधार पर गोदाम से 716.55 क्विंटल धान के गायब होने की पुष्टि हुई है. अधिकारियों ने इसकी अनुमानित कीमत 17.55 लाख रुपये से अधिक आंकी है. विभाग का मानना है कि यह मामला सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग और वित्तीय गड़बड़ी से जुड़ा हो सकता है. सहकारिता विभाग की लिखित शिकायत के बाद महेशपुर थाना कांड संख्या 126/26 के तहत लैम्प्स अध्यक्ष और सदस्य सचिव के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस दस्तावेजों की जांच, संबंधित अधिकारियों से पूछताछ और धान के भंडारण व परिवहन से जुड़े रिकॉर्ड का मिलान कर रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि धान की यह बड़ी खेप आखिर कहां गई और इस कथित गड़बड़ी में किन-किन लोगों की भूमिका रही. मामले की जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.