Jharkhand

झारखंड के 14 लाख लाभुकों के लिए बड़ी राहत, अगस्त से फिर मिलेगा आंगनबाड़ी का टेक होम राशन, आदेश जारी

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

रांची (RANCHI): झारखंड सरकार ने गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छोटे बच्चों के लिए बड़ी राहत देते हुए अगस्त 2026 से टेक होम राशन (THR) का वितरण दोबारा शुरू करने का फैसला लिया है. महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग ने मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिलने के बाद इस संबंध में सभी जिलों को आदेश जारी कर दिया है. राज्य के 38,957 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से अब नियमित रूप से पूरक पोषाहार का वितरण किया जाएगा, जिससे करीब 14 लाख से अधिक लाभुकों को सीधा फायदा मिलेगा.

दरअसल, नई आपूर्ति एजेंसियों के चयन और टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण अप्रैल 2026 से राज्यभर के आंगनबाड़ी केंद्रों में टेक होम राशन का वितरण बंद था. इसका सबसे अधिक असर गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और छोटे बच्चों पर पड़ा, जिन्हें नियमित रूप से मिलने वाला पौष्टिक आहार समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रहा था. स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने पहले वित्त विभाग के माध्यम से पुरानी एजेंसियों को सशर्त अवधि विस्तार दिया. इसके बाद मंत्रिपरिषद से प्रस्ताव को मंजूरी मिली और अब विभाग ने वितरण प्रक्रिया दोबारा शुरू करने का आदेश जारी कर दिया है. सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी पात्र लाभार्थी को पोषण संबंधी सहायता से वंचित न रहना पड़े.

किन-किन लाभुकों को मिलेगा टेक होम राशन
टेक होम राशन (THR) योजना के तहत अलग-अलग आयु वर्ग और श्रेणियों के लाभार्थियों के लिए विशेष प्रकार का पूरक पोषाहार उपलब्ध कराया जाता है.
•    6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों को शिशु आहार और पौष्टिक मीठा दलिया दिया जाएगा. 
•    6 माह से 6 वर्ष तक के कुपोषित बच्चों को अतिरिक्त पोषण के लिए शिशु आहार और पौष्टिक मीठा दलिया उपलब्ध कराया जाएगा. 
•    गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक मीठा और नमकीन दलिया दिया जाएगा, ताकि गर्भावस्था के दौरान आवश्यक पोषण मिल सके. 
•    धात्री (स्तनपान कराने वाली) माताओं को भी संतुलित पोषाहार उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे मां और शिशु दोनों का स्वास्थ्य बेहतर बना रहे. 

जिलों को दिए गए सख्त निर्देश
समाज कल्याण निदेशालय ने सभी जिला समाज कल्याण पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि टेक होम राशन का वितरण पूरी पारदर्शिता और व्यवस्थित तरीके से सुनिश्चित किया जाए. साथ ही वितरण प्रक्रिया की लगातार निगरानी करने को भी कहा गया है, ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता न हो और सभी पात्र लाभुकों तक समय पर पोषाहार पहुंच सके. विभाग ने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में राशन उपलब्ध रहे और वितरण में किसी तरह की देरी न हो.

कुपोषण कम करने पर सरकार का फोकस
महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग का कहना है कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. टेक होम राशन योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य बच्चों में कुपोषण की समस्या को कम करना और गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को आवश्यक पोषण उपलब्ध कराना है. सरकार को उम्मीद है कि अगस्त से योजना दोबारा शुरू होने के बाद लाखों परिवारों को राहत मिलेगी और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण कार्यक्रम पहले की तरह नियमित रूप से संचालित हो सकेगा. इससे बच्चों के बेहतर शारीरिक विकास और माताओं के स्वास्थ्य में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलने की संभावना है.