Jharkhand

लोहरदगा में जब ग्रामीणों ने रोका अंतिम संस्कार, तब थाना प्रभारी ने खुद दिया कंधा, पेश की मानवता का मिसाल

Varsha Varma CE
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लोहरदगा में जब ग्रामीणों ने रोका अंतिम संस्कार,  तब थाना प्रभारी ने खुद दिया कंधा, पेश की मानवता का मिसाल

 लोहरदगा(LOHARDAGA):  जिले में एक मानवता मिसाल की मिसाल कायम करने वाली एक ऐसा मामला सामने आया है जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है. दरअसल एक पुलिस जवान ने  वह मिसाल कायम की है. एक वृद्ध के अंतिम संस्कार को लेकर दो गांवों के बीच ऐसा विवाद खड़ा हो गया कि शव दो दिनों तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करने दिया. मामला तब शांत हुआ, जब सेन्हा थाना प्रभारी नीरज झा खुद मौके पर पहुंचे, दोनों पक्षों को समझाया और फिर मानवता का परिचय देते हुए शुद को शव को कंधा देकर श्मशान घाट तक पहुंचाया.

घटना सेन्हा थाना क्षेत्र की है, जहां अलौदी पंचायत के अलौदी गांव और भड़गांव पंचायत के पारही डांड़ी टोली के ग्रामीणों के बीच श्मशान घाट में शवदाह को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया. पारही डांड़ी निवासी एक बुजुर्ग का दो दिन पहले निधन हो गया था. परिजन गांव के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे, लेकिन तभी दूसरे पक्ष के कुछ ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया.

विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि दूसरे गांव के व्यक्ति का अंतिम संस्कार उनके गांव की सीमा के पास करने से अशुभ प्रभाव पड़ सकता है. इसके साथ ही श्मशान घाट की सीमारेखा को लेकर भी दोनों पक्षों में मतभेद सामने आ गया. देखते ही देखते विवाद बढ़ने लगा और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया दो दिनों तक ठप रही.

जैसे ही मामले की सूचना पुलिस को मिली, सेन्हा थाना प्रभारी नीरज झा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने दोनों गांवों के लोगों से बातचीत की, उन्हें समझाया और आपसी सहमति से विवाद का समाधान कराया. इसके बाद जब अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई, और खुद शव को कंधा देकर श्मशान घाट तक पहुंचाने में सहयोग किया. उनकी इस मानवीय पहल की क्षेत्र में खूब सराहना हो रही है. ग्रामीणों का कहना है

रिपोर्ट:  गौतम लेनिन