कोडरमा (KODERMA): कोडरमा जिले के सतगावां प्रखंड से एक भंवरों के आतंक की घटना सामने आई है. जंगल में लकड़ी चुनने गए एक वृद्ध पर अचानक भंवरों के झुंड ने हमला कर दिया. हमले में वृद्ध गंभीर रूप से घायल हो गए. स्थानीय लोगों ने घायल वृद्ध को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. इधर, घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई. बताया जा रहा है कि वृद्ध रोज की तरह जंगल क्षेत्र में लकड़ी चुनने गए थे. इसी दौरान अचानक भंवरों का झुंड उनके ऊपर टूट पड़ा. भंवरों ने शरीर के कई हिस्सों में डंक मार दिया. अचानक हुए हमले से वृद्ध खुद को बचाने का प्रयास करते रहे, लेकिन गंभीर रूप से घायल हो गए. आसपास मौजूद लोगों को घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले गए.
गंभीर हालत को देखते हुए ग्रामीणों और परिजनों ने वृद्ध को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया. चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा था, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है. ग्रामीणों के मुताबिक, सतगावां के जंगल क्षेत्रों में भंवरों और जंगली मधुमक्खियों के छत्ते कई जगह मौजूद हैं. जंगल में लकड़ी चुनने, मवेशी चराने या दूसरे कामों के लिए जाने वाले ग्रामीणों को अक्सर ऐसे जोखिमों का सामना करना पड़ता है. हालांकि इस तरह के हमले में किसी ग्रामीण की मौत की घटना ने लोगों को चिंता में डाल दिया है.
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने जंगल में रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से जुड़े इलाकों में लोगों को भंवरों और जंगली मधुमक्खियों के संभावित हमलों से बचाव के उपायों की जानकारी दी जानी चाहिए. साथ ही किसी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी बेहतर होनी चाहिए. हाल के दिनों में सतगावां क्षेत्र में भंवरों के हमले की घटनाएं सामने आने के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल है. लोगों से जंगल में अकेले न जाने और संभावित खतरे वाले स्थानों से दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है. इस घटना ने एक बार फिर जंगल क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.
रिपोर्ट- अरुण बर्नवाल
