Jharkhand

करम डाली विसर्जन के दौरान भंवरों का हमला, बच्चे-महिलाओं समेत एक दर्जन से अधिक घायल

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
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कोडरमा (KODERMA): करम पर्व के समापन के मौके पर करम डाली विसर्जन के दौरान सतगावां प्रखंड क्षेत्र में अचानक भंवरों के झुंड ने हमला कर दिया. उत्साह के बीच हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई. बताया जा रहा है कि करम डाली लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण पारंपरिक गीत-संगीत के साथ विसर्जन के लिए आगे बढ़ रहे थे. इसी दौरान अचानक भंवरों का झुंड लोगों के बीच पहुंच गया और कई श्रद्धालुओं को डंक मार दिया. हमले की चपेट में महिलाएं, बच्चे और अन्य ग्रामीण भी आ गए. अचानक हुए इस हमले के बाद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जिससे कुछ देर के लिए मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. घटना में एक दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है.

हमले के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था शुरू की. कई घायलों को इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र भी ले जाया गया. स्थानीय लोगों के मुताबिक, भंवरों के अचानक हमले से लोगों में काफी डर फैल गया था. हालांकि ग्रामीणों की मदद और तत्काल उपचार के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो गई. बताया गया कि घायलों में महिलाओं और बच्चों की संख्या भी शामिल है. स्थानीय लोगों ने एक-दूसरे की मदद करते हुए प्रभावित लोगों को जुलूस से अलग किया और उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया. फिलहाल सभी घायलों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है और किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है.

ग्रामीणों के अनुसार, करम पर्व क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक त्योहार है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग सामूहिक रूप से हिस्सा लेते हैं. जंगल और पेड़-पौधों से घिरे इलाकों में भंवरों या जंगली मधुमक्खियों के हमले की घटनाएं कभी-कभी सामने आती हैं, लेकिन धार्मिक जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने से लोग चिंतित हो गए. घटना के बाद ग्रामीणों ने भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत बताई. उनका कहना है कि बड़े धार्मिक कार्यक्रमों में प्राथमिक उपचार और आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए. राहत की बात यह रही कि स्थिति जल्द नियंत्रण में आ गई और करम पर्व से जुड़े बाकी कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुए.

रिपोर्ट- अरुण बर्नवाल