कोडरमा(KODARMA): जिले के झुमरी तिलैया स्थित जेजे कॉलेज को विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU) हजारीबाग से अलग कर जेसी बोस यूनिवर्सिटी गिरिडीह से जोड़ने के प्रस्ताव को लेकर सियासी और शैक्षणिक हलकों में बहस तेज हो गई है. इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कड़ा विरोध जताते हुए साफ कहा कि छात्रों के भविष्य और भावनाओं के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा.
कोडरमा सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जेजे कॉलेज वर्षों से विनोबा भावे विश्वविद्यालय से संबद्ध रहा है और यहां के छात्र उसी शैक्षणिक ढांचे के अनुसार अपनी पढ़ाई और करियर की योजना बनाते आए हैं. ऐसे में अचानक विश्वविद्यालय बदलने का फैसला हजारों विद्यार्थियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है.
उन्होंने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान से जुड़ा बड़ा निर्णय लेने से पहले छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से व्यापक चर्चा होनी चाहिए. बिना राय और सहमति के विश्वविद्यालय परिवर्तन जैसा फैसला थोपना उचित नहीं माना जा सकता. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर ऐसा कौन-सा कारण है कि लंबे समय से VBU से जुड़े कॉलेज को दूसरे विश्वविद्यालय से जोड़ने की जरूरत महसूस की जा रही है.
अन्नपूर्णा देवी ने आशंका जताई कि यदि यह निर्णय लागू होता है तो छात्रों को परीक्षा, रिजल्ट, प्रमाण पत्र और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है. इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित होगी और अनावश्यक मानसिक दबाव बढ़ेगा.
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार की प्राथमिकता छात्रों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराना होनी चाहिए, न कि उन्हें नई परेशानियों में डालना. जरूरत पड़ने पर इस मुद्दे को उच्च स्तर तक उठाया जाएगा ताकि छात्रों के हित सुरक्षित रह सकें. प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कॉलेजों में आधारभूत सुविधाएं मजबूत करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने पर भी जोर दिया. इस मौके पर बरकट्ठा विधायक अमित यादव और बरही विधायक मनोज यादव भी मौजूद रहे.
