Jharkhand

2 कमरे के घर में 36 लाख का बिजली बिल देख उड़ गए होश, सुधार की जगह विभाग ने थमा दिया कनेक्शन काटने का नोटिस

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

कोडरमा (KODERMA): सोचिए, जिस घर में सिर्फ दो कमरे हों, वहां अचानक 36.44 लाख रुपये का बिजली बिल पहुंच जाए तो परिवार पर क्या बीतेगी. झारखंड के कोडरमा जिले में ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है. हैरानी की बात यह है कि उपभोक्ता कई महीनों से बिजली विभाग के दफ्तरों के चक्कर लगाकर बिल में सुधार की गुहार लगा रहा है, लेकिन समस्या का समाधान करने के बजाय विभाग ने अब बिजली कनेक्शन काटने की चेतावनी जारी कर दी है.

झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) के कोडरमा विद्युत आपूर्ति प्रमंडल की ओर से जारी नोटिस में उपभोक्ता को 15 दिनों के भीतर 36 लाख 44 हजार 364 रुपये जमा करने का निर्देश दिया गया है. नोटिस में यह भी कहा गया है कि तय समय तक भुगतान नहीं होने पर बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.

यह मामला कोडरमा के कोलटेक्स क्षेत्र स्थित एक साधारण दो कमरे के मकान का है. मकान मालिक का कहना है कि उनके घर की वास्तविक बिजली खपत इतनी नहीं हो सकती. उन्होंने कई बार लिखित शिकायत देकर बिल में सुधार की मांग की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला. अब विभाग की ओर से कनेक्शन काटने का नोटिस मिलने के बाद परिवार चिंता में है.

हालांकि, यह कोई अकेला मामला नहीं है. कोडरमा जिले में ऐसे कई उपभोक्ताओं को लाखों रुपये के विवादित बिजली बिल भेजे गए हैं. लखीबागी के महेश पांडेय को 69.76 लाख रुपये, कानूनगो बीघा की रूपा सामंता को 4.25 लाख रुपये, रंजीत सिंह को 1.66 लाख रुपये, सुजानपुर के अनिल कुमार को 1.33 लाख रुपये, नयाडीह के रामू पासवान को 1.26 लाख रुपये और राज इंटरनेशनल स्कूल को 1.06 लाख रुपये का बिल जारी किया गया है. विभाग ने इन मामलों को 'डिस्प्यूटेड बिल' की श्रेणी में रखा है, लेकिन लंबे समय बाद भी इनमें सुधार नहीं किया गया.

पीड़ित उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि यह तकनीकी या सिस्टम संबंधी त्रुटि है, तो विभाग को समय रहते इसे ठीक करना चाहिए था. उनका आरोप है कि शिकायतों पर कार्रवाई करने के बजाय नोटिस भेजकर उपभोक्ताओं पर दबाव बनाया जा रहा है. लोगों ने मांग की है कि सभी विवादित बिलों का निष्पक्ष सत्यापन कराया जाए और वास्तविक खपत के आधार पर संशोधित बिल जारी किए जाएं.