Jharkhand

सात जन्मों का वादा हुआ पूरा, पत्नी की मौत के घंटे बाद पति ने भी त्याग दिए प्राण, परिवार में शोक

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
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कोडरमा (KODERMA): कहते हैं कि पति-पत्नी का रिश्ता सिर्फ इस जन्म का नहीं, बल्कि सात जन्मों का बंधन माना जाता है. विवाह के समय लिए गए सात फेरे केवल साथ रहने का वचन नहीं होते, बल्कि जीवन के हर पड़ाव पर एक-दूसरे का साथ निभाने की कसमें भी होते हैं. अक्सर यह बातें सिर्फ परंपरा और मान्यता तक सीमित लगती हैं, लेकिन कभी-कभी कुछ घटनाएं इन विश्वासों को जीवंत कर देती हैं. ऐसा ही मामला जिले से सामने आई है ऐसे ही अटूट रिश्ते की मिसाल पेश की है. और यही कारण है कि वर्षों तक एक-दूसरे का साथ निभाने वाले पति-पत्नी को मौत भी अलग नहीं कर सकी. पहले लंबे समय से बीमार चल रहीं 55 वर्षीय सुधा देवी ने अंतिम सांस ली. पत्नी के निधन का गहरा सदमा 60 वर्षीय पति ओमप्रकाश पोद्दार सहन नहीं कर सके और कुछ ही घंटों बाद उन्होंने भी दम तोड़ दिया. एक ही घर से दोनों की अर्थियां उठीं तो पूरा गांव गमगीन हो गया और हर आंख नम हो उठी.

दरअसल, परिजनों के अनुसार, सुधा देवी काफी समय से बीमार थीं और उनका इलाज चल रहा था. गुरुवार को उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उनका निधन हो गया. पत्नी के जाने का गहरा आघात ओमप्रकाश पोद्दार को भीतर तक झकझोर गया. परिवार के लोगों ने उन्हें ढांढस बंधाने और संभालने की कोशिश की, लेकिन वे मानसिक रूप से इस सदमे को सहन नहीं कर सके. कुछ ही समय बाद उनकी भी मौत हो गई. इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे दुख में डुबो दिया. आसपास के लोगों का कहना है कि दोनों के बीच गहरा प्रेम और अटूट विश्वास था, जिसकी मिसाल अब भी लोग याद कर रहे हैं.

घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण, समाजसेवी और शुभचिंतक दिवंगत दंपती के घर पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में दोनों की अंतिम यात्रा एक साथ निकाली गई. एक ही घर से पति-पत्नी की अर्थियां उठते देख हर किसी की आंखें नम हो गईं. अंतिम संस्कार भी साथ ही संपन्न कराया गया. इस घटना की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है.