Jharkhand

कोडरमा में हाथियों के झुंड ने मचाया उत्पात, खेत रौंदे और दीवारें तोड़ीं,दहशत में लोग

Rajnish Sinha
Sr. Copy Editor
कोडरमा में हाथियों के झुंड ने मचाया उत्पात, खेत रौंदे और दीवारें तोड़ीं,दहशत में लोग

कोडरमा (KODERMA) :  जिला मुख्यालय स्थित कोडरमा नगर पंचायत क्षेत्र में हाथियों के झुंड ने अचानक आबादी वाले इलाके में प्रवेश कर जमकर उत्पात मचाया. हाथियों ने कई घरों की बाउंड्री दीवारें तोड़ दीं और खेतों में लगी फसलों को रौंदकर भारी नुकसान पहुंचाया. घटना के बाद पूरे इलाके में डर और दहशत का माहौल है. लोग अपनी और परिवार की सुरक्षा में लगे रहे.

हाथियों को वापस जंगल की ओर खदेड़ा

स्थानीय लोगों के अनुसार करीब दो हाथी जंगल से निकलकर नगर पंचायत क्षेत्र में पहुंच गए. हाथियों के आने की आहट मिलते ही आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए. ग्रामीणों ने पटाखे फोड़कर और शोर मचाकर हाथियों को भगाने का प्रयास किया. सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची. वनकर्मियों ने मशाल जलाकर और हल्ला करते हुए काफी मशक्कत के बाद हाथियों को वापस जंगल की ओर खदेड़ा. राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन कई लोगों की संपत्ति और फसलों को नुकसान पहुंचा है.

ग्रामीणों में भय का माहौल

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले छह महीनों से जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हाथियों का आतंक लगातार बना हुआ है. आए दिन हाथियों के झुंड गांवों और आबादी वाले इलाकों में पहुंच रहे हैं. इस दौरान हाथियों के हमलों में दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है, जबकि सैकड़ों एकड़ में लगी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं. हाथियों के लगातार बढ़ते आतंक से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है.

घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की आवाजाही रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है. साथ ही जिन परिवारों की फसल और संपत्ति को नुकसान हुआ है, उन्हें जल्द से जल्द उचित मुआवजा देने की भी मांग की गई है.

वन विभाग ने लोगों से अपील की

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि हाथियों के दिखाई देने पर उनके पास जाने या उन्हें छेड़ने की कोशिश न करें. विभाग ने यह भी कहा है कि फोटो या वीडियो बनाने के लिए भीड़ न लगाएं, क्योंकि इससे हाथी उग्र हो सकते हैं. लोगों को रात के समय जंगल और हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने तथा किसी भी सूचना की तुरंत वन विभाग को जानकारी देने की सलाह दी गई है.

रिपोर्ट – अरूण वर्णवाल