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Jharkhand

कोडरमा डीसी उत्कर्ष गुप्ता के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी, प्रशासन ने लोगों को किया अलर्ट

Saumya Shukla
Saumya Shukla
Reporter | Copy Editor

कोडरमा(KODARMA): उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी उत्कर्ष गुप्ता के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाए जाने का मामला सामने आया है. इस आईडी के जरिए लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जा रही है और अलग-अलग तरह के मैसेज भी किए जा रहे हैं. मामला सामने आने के बाद कोडरमा जिला प्रशासन ने लोगों के लिए चेतावनी जारी करते हुए ऐसे किसी भी मैसेज या फ्रेंड रिक्वेस्ट पर भरोसा नहीं करने की अपील की है.

प्रशासन के मुताबिक फेसबुक पर "उत्कर्ष गुप्ता आईएएस" नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाई गई है. इस प्रोफाइल में उपायुक्त का नाम और फोटो इस्तेमाल किया गया है, जिससे लोग इसे असली अकाउंट समझ सकते हैं.

पैसे या निजी जानकारी मांगी जाए तो न करें भरोसा

जिला प्रशासन ने साफ किया है कि उपायुक्त की ओर से व्यक्तिगत फेसबुक आईडी के जरिए लोगों को इस तरह फ्रेंड रिक्वेस्ट नहीं भेजी जाती है. इसके अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से किसी व्यक्ति से आर्थिक मदद, पैसों का लेन-देन या व्यक्तिगत जानकारी मांगने जैसी कोई प्रक्रिया नहीं अपनाई जाती है.

ऐसे में अगर इस फर्जी प्रोफाइल या किसी दूसरी संदिग्ध आईडी से पैसे मांगे जाते हैं या बैंक से जुड़ी जानकारी देने को कहा जाता है तो लोग उस पर भरोसा न करें.

प्रशासन ने लोगों से बैंक खाते, ओटीपी, पासवर्ड या दूसरी निजी और वित्तीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की अपील की है.

फर्जी प्रोफाइल को तुरंत करें रिपोर्ट

अगर किसी व्यक्ति को इस आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट या मैसेज मिलता है तो उसे स्वीकार करने के बजाय प्रोफाइल को नजरअंदाज करने और फेसबुक पर रिपोर्ट करने की सलाह दी गई है.

अगर किसी व्यक्ति को साइबर ठगी होने या किसी संदिग्ध गतिविधि का शक होता है तो इसकी सूचना नजदीकी थाना या साइबर थाना को देने को कहा गया है.

प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई

जिला प्रशासन ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है और फर्जी फेसबुक प्रोफाइल को लेकर जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

साथ ही लोगों से सोशल मीडिया इस्तेमाल करते समय सतर्क रहने की अपील की गई है. प्रशासन का कहना है कि किसी अधिकारी के नाम और फोटो वाली प्रोफाइल देखकर तुरंत उस पर भरोसा न करें. किसी भी संदिग्ध अनुरोध या पैसों से जुड़े मैसेज की पहले सही तरीके से जांच जरूर करें.

 

रिपोर्ट - अरुण बर्नवाल