KHUNTI:झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है. इसी कड़ी में गुरुवार को खूंटी जिले के महिला थाना की प्रभारी सुलेखा कुमारी सपना को कथित तौर पर 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया. इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और एक बार फिर विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं.
जानकारी के अनुसार, महिला थाना प्रभारी पर आरोप है कि उन्होंने एक मामले में आरोपी का नाम हटाने और जांच में राहत देने के बदले 15 हजार रुपये की मांग की थी. शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने के बजाय इसकी जानकारी सीधे ACB रांची को दी. शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने मामले का सत्यापन किया और फिर योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया.
ACB की टीम ने पूरी तैयारी के साथ कार्रवाई की. जैसे ही थाना प्रभारी ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की राशि स्वीकार की, पहले से मौजूद ACB अधिकारियों ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया. गिरफ्तारी के बाद उन्हें पूछताछ के लिए अपने साथ ले जाया गया. मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है.
इस कार्रवाई ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि खूंटी महिला थाना पहले भी इसी तरह के मामले को लेकर चर्चा में रह चुका है. वर्ष 2021 में इसी थाने की तत्कालीन प्रभारी मीरा कुमारी को भी ACB ने कथित रूप से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था. एक ही थाना से दो अलग-अलग थाना प्रभारियों का भ्रष्टाचार के मामलों में पकड़ा जाना पुलिस विभाग की छवि पर सवाल खड़े करता है.
ACB का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उसकी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा. यदि कोई व्यक्ति रिश्वत मांगता है तो उसकी शिकायत संबंधित एजेंसी से करने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी.
हाल के दिनों में झारखंड में ACB ने कई भ्रष्टाचार के मामलों का खुलासा किया है. लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि रिश्वतखोरी के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी. वहीं, इस घटना के बाद पुलिस विभाग के भीतर भी जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज हो गई है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि मामले की जांच में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं और दोष सिद्ध होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है.
