टीएनपी डेस्क: कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा के बाद झारखंड में कथित जेपीएससी भर्ती घोटाला को भाजपा बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है. वैसे, इस मामले की जांच सीआईडी कर रही है और अब तक 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी हैं. फिलहाल , झारखंड में कथित जेपीएससी भर्ती घोटाला का मामला सियासत के केंद्र में हैं. भाजपा के नेता हेमंत सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा और कॉकरोच जनता पार्टी की सफलता के बाद अब नए ढंग से भाजपा इस मामले को राजनीति के केंद्र में ले जाने का प्रयास कर रही है .
tभाजपा का आरोप ; सरकार निष्पक्ष जाँच से भाग रही
भाजपा का आरोप है कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है. जेपीएससी में हुई कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच से भाग रही है. दूसरी ओर सत्ता पक्ष इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए विपक्ष पर भड़काने की कोशिश का आरोप लगा रहा है. भाजपा के फायर ब्रांड नेता सांसद डॉक्टर निशिकांत दुबे ने कहा है कि जेपीएससी भर्ती घोटाला झारखंड की भर्ती व्यवस्था पर एक गंभीर सवाल खड़ा करता है. पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी भी इस मामले को लेकर गंभीर हैं. उल्लेखनीय है कि जेपीएससी की परीक्षाओं में हुई बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के मामले में सीआईडी की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं.
सीआईडी कुल पांच से रिमांड पर कर रही पूछताछ
सीआईडी कुल पांच मुख्य आरोपियों से पूछताछ कर रही है. अब वह सूत्रधार की तलाश में है. जाँच टीम ने रिमांड के दूसरे दिन रविवार को जेपीएससी के उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, परीक्षा एजेंसी के निदेशक रामवीर सिंह, एजेंसी के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी और दो कर्मचारियों को आमने-सामने बैठा कर पूछताछ की. बताया जाता है कि इन सभी से इससे जुड़े सवाल किए गए. सीआईडी का जानना फोकस है कि परीक्षा संचालन के लिए जो काम आवंटित किए गए थे, उसके लिए निर्धारित एसओपी का पालन किया गया था या नहीं? आरोपी पांच दिनों के रिमांड पर है. बता दें की सीआईडी ने अब तक इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है. परीक्षा संचालन एजेंसी से जुड़े आठ और जेपीएससी से जुड़े दो लोग शामिल हैं.
