जामताड़ा(JAMTARA): मतदाता सूची और कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. जिला भाजपा कार्यालय में बाबूलाल मरांडी ने पार्टी के आदिवासी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की. बैठक में मतदाता सूची से जुड़े मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई. खास तौर पर आदिवासी मतदाताओं के नाम सूची से हटने या गायब होने के आरोपों को लेकर भाजपा ने चिंता जताई.
आदिवासी मतदाताओं के नाम को लेकर मंथन
बैठक में मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के दौरान सामने आई कथित गड़बड़ियों को प्रमुखता से उठाया गया. बाबूलाल मरांडी ने कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर मतदाता सूची की जांच करने और पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित कराने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने को कहा. उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों को उचित स्तर तक पहुंचाने और सुधार की प्रक्रिया पर नजर रखने के निर्देश भी दिए. भाजपा की ओर से इस मुद्दे को आदिवासी मतदाताओं के अधिकार से जोड़कर उठाया जा रहा है.
मंत्री इरफान अंसारी पर लगाए आरोप
बाबूलाल मरांडी ने जामताड़ा विधायक और राज्य सरकार के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को भी निशाने पर लिया. उन्होंने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर मंत्री की भूमिका पर सवाल खड़े किए और मामले में जवाबदेही की मांग की. हालांकि, ये आरोप बाबूलाल मरांडी की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं और इस संबंध में इरफान अंसारी का पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा.
कांग्रेस के धरने को बताया 'लूट की छूट'
जामताड़ा में कांग्रेस के एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन पर भी बाबूलाल मरांडी ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने प्रदर्शन को ‘लूट की छूट’ बताते हुए गठबंधन सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए.मरांडी का आरोप है कि सरकार जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के राजनीतिक कार्यक्रम कर रही है. उन्होंने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस और झामुमो को घेरा.
जामताड़ा में बढ़ी राजनीतिक हलचल
मतदाता सूची से जुड़े विवाद और कांग्रेस के धरने पर भाजपा की प्रतिक्रिया के बाद जामताड़ा की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं. आने वाले दिनों में मतदाता सूची और आदिवासी मतदाताओं से जुड़े सवाल स्थानीय राजनीति का महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकते हैं.
रिपोर्ट - आर.पी.सिंह
