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Jharkhand

जामताड़ा: दुर्गापूजा पंडाल में लगी आग, पंडाल सदस्यों ने जातिगत भेदभाव का लगाया आरोप

Mausam Muskan
Mausam Muskan
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जामताड़ा(Jamtara): झारखंड के जामताड़ा से एक बढ़ी घटना सामने आई है जहाँ दुर्गा पूजा पंडाल में आग लगने से हड़कंप मच गया. मिली जानकारी के अनुसार ये एक साजिश के तहत अंजाम दिया गया ऐसी खबरे भी सामने आई है लेकिन इसकी पुष्टि फिलहाल नहीं हो पाई है.

यह घटना जामताड़ा जिले के मिहिजाम थाना अंतर्गत चरकापहाड़ी गांव में स्थित नवदुर्गा पूजा पंडाल कि बताई गई है जहाँ बीती रात अचानक आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया. पूजा समिति के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि धारा 107 के नोटिस मिलने के बाद गांव के कुछ असामाजिक तत्वों में नाराजगी थी और इसी आक्रोश में पंडाल में आग लगाई गई.  साथ ही पूजा को लेकर जातिवाद और भेदभाव की बातें भी कही जा रही थीं.

पंडाल समिति के सदस्य मनोज दत्त, राजू दत्त और जयनंदना दत्ता के अनुसार रात करीब डेढ़ बजे पंडाल में आग लगाई गई. पंडाल के पास रहने वाले हरिपद मंडल ने आग देखकर तुरंत समिति सदस्यों को सूचना दी. तुरंत मौके पर पहुंचकर लोगों ने बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की. जिसके बाद दमकल की गाढ़ी को सूचित किया गया और वे मौके पर गाड़ी ले कर पहुचे और आग पर काबू पा लिया गया. पंडाल सदस्यों का कहना है कि समय रहते पता न चलता तो पूरा पंडाल जलकर राख हो सकता था,घटना में पंडाल को काफी नुकसान पहुंचा है.

समिति सदस्यों का आरोप है कि 107 का नोटिस मिलने के बाद कुछ लोगों में गुस्सा था.  पूजा को लेकर जातिगत टिप्पणियां भी हो रही थीं.कुछ लोग कह रहे थे कि यह राजाओं की पूजा है और इसमें प्रवेश तथा पुष्पांजलि अर्पित करने का अधिकार सीमित रहेगा. सदस्यों को संदेह है कि इसी विवाद के चलते आगजनी की घटना हुई.हालांकि, आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इस घटना की सूचना मिलते ही सर्किल इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान और मिहिजाम थाना प्रभारी प्रदीप राणा अतिरिक्त बल के साथ मौके पर पहुंचे. अब पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है. एहतियात के तौर पर गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. सर्किल इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान ने बताया कि फिलहाल स्थिति सामान्य है. यह घटना कैसे हुई, यह जांच का विषय है पर पुलिस मामले की गहन छानबीन कर रही है.

107 कि धारा विशेष कर इस घटना से क्यू जोड़ा गया इस का सीधा सरल अनुमान इस धारा को समझ कर कर  सकते है. अगर हम सरल शब्दों में समझे तो यह धारा 107 भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC - Code of Criminal Procedure, 1973) की एक महत्वपूर्ण धारा है. 

यह धारा शांति बनाए रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है .  जब किसी व्यक्ति या समूह से सार्वजनिक शांति भंग होने का खतरा हो, तो मजिस्ट्रेट उस व्यक्ति से बॉन्ड (जमानत) भरवा सकता है कि वह शांति बनाए रखेगा. 

दुर्गा पूजा के दौरान हुई इस घटना से स्थानीय लोगों में चिंता और नाराजगी है. पुलिस जांच के बाद ही आगजनी के वास्तविक कारण और शामिल लोगों के बारे में स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी.

पुलिस तैयनाती के बाद  फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है,अब देखना ये होगा कि पुलिस कि कार्यवाही में इस घटना का असल कारण क्या निकाल कर सामने आता है.