जामताड़ा (JAMTARA): झारखंड के जामताड़ा जिले से पुलिस की वर्दी का दुरुपयोग कर लोगों को ठगने और डराने-धमकाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. मिहिजाम थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो पिछले कई वर्षों से खुद को पुलिस अधिकारी बताकर अवैध वसूली कर रहा था. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने पुलिस की वर्दी और पहचान का झांसा देकर कई युवतियों को अपने प्रेमजाल में फंसाया और उनका कथित तौर पर यौन शोषण भी किया. पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
एसडीपीओ वसीम रजा ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया जा रहा था. इसी दौरान मिहिजाम थाना प्रभारी प्रदीप राणा को सूचना मिली कि कानगोई-डोमदाहा रोड पर पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति लोगों पर रौब झाड़ रहा है. सूचना के सत्यापन के लिए पहुंची टीम ने कानगोई पत्थर डंप के पास एक व्यक्ति को पुलिस का बूट और पैंट पहनकर शराब पीते हुए पकड़ा. पूछताछ में उसने अपना नाम अनूप कुमार (34) बताया और खुद को जैप-5, देवघर में तैनात जवान बताया. लेकिन जब पुलिस ने उसका पहचान पत्र जांचा तो उसमें दर्ज जानकारी संदिग्ध मिली. नियुक्ति तिथि और जन्मतिथि में गड़बड़ी मिलने पर सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने फर्जी पहचान पत्र बनवाया था और धनबाद से पुलिस की वर्दी खरीदकर लोगों पर धौंस जमाता था.
कट्टा, कारतूस और पुलिस का सामान बरामद
तलाशी के दौरान आरोपी के पास मौजूद पिट्ठू बैग से एक देसी कट्टा, पांच जिंदा कारतूस, दो चाकू, दो वॉकी-टॉकी, तीन स्मार्टफोन, पुलिस की वर्दी, बूट, बेल्ट, टोपी, फर्जी जैप-5 आईडी कार्ड और एक डायरी बरामद की गई. पुलिस ने सभी सामान जब्त कर लिया है और उसकी जांच की जा रही है. जांच में खुलासा हुआ कि अनूप कुमार वर्ष 2019 से झारखंड और पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में पुलिस अधिकारी बनकर घूम रहा था. वह वर्दी का रौब दिखाकर लोगों से अवैध वसूली करता था और खुद को पुलिसकर्मी बताकर कई युवतियों से संपर्क बनाता था. आरोप है कि इसी बहाने उसने कई महिलाओं और युवतियों का यौन उत्पीड़न भी किया. पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले धनबाद में एक पुलिस अधिकारी के वाहन चालक के रूप में काम कर चुका था, लेकिन अनुशासनहीनता और गलत गतिविधियों के कारण उसे हटा दिया गया था. इसके बाद उसने पश्चिम बंगाल के चितरंजन में भी फर्जी सिविल वॉलेंटियर बनकर लोगों को ठगने का काम किया.
पहले से दर्ज हैं कई मामले
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं. वर्ष 2016-17 में उसकी पत्नी ने घरेलू प्रताड़ना और भरण-पोषण का मामला दर्ज कराया था. कोर्ट द्वारा गुजारा भत्ता देने का आदेश मिलने के बाद वह फरार हो गया था. चितरंजन थाने में भी उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज है. फिलहाल मिहिजाम थाना में आरोपी के खिलाफ कांड संख्या 50/2026 दर्ज कर लिया गया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर उसने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और उसके साथ इस नेटवर्क में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं.
