Jharkhand

जामताड़ा सदर अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल, इलाज के लिए दर-दर भटक रहे मरीज

Saumya Shukla
Saumya Shukla
Reporter | Copy Editor

जामताड़ा(JAMTADA): झारखंड के जामताड़ा सदर अस्पताल में एक प्रसूता की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद शुक्रवार को और गहरा गया. अस्पताल में हुई तोड़फोड़ और डॉक्टरों के साथ अभद्र व्यवहार के विरोध में चिकित्सकों ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया. झारखंड मेडिकल एसोसिएशन के नेतृत्व में हुई इस हड़ताल को चिकित्सा और जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का भी समर्थन मिला. इसके चलते अस्पताल की ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद रहीं, जबकि केवल इमरजेंसी सेवाएं जारी रखी गईं.

गुरुवार को इलाज के दौरान एक प्रसूता की मौत हो गई थी. इसके बाद परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा किया. आक्रोशित लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया. साथ ही डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने की भी बात सामने आई. इस घटना के बाद डॉक्टरों ने सुरक्षा की मांग करते हुए कार्य बहिष्कार का फैसला लिया.

हड़ताल पर बैठे चिकित्सकों ने अस्पताल में तोड़फोड़ करने वाले लोगों की जल्द गिरफ्तारी और अस्पताल परिसर में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है. उनका कहना है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक सामान्य तरीके से काम करना मुश्किल होगा. हड़ताल का सबसे ज्यादा असर मरीजों पर पड़ा. ओपीडी बंद रहने के कारण दूर-दराज से आए कई मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा. कई लोगों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ा. इस बीच एक गर्भवती महिला को भर्ती नहीं किए जाने का आरोप भी सामने आया. परिजनों का कहना है कि प्रसव पीड़ा होने पर महिला को एंबुलेंस से सदर अस्पताल लाया गया, लेकिन डॉक्टरों की हड़ताल का हवाला देकर उसे दूसरे अस्पताल जाने की सलाह दी गई. हालांकि अस्पताल प्रशासन ने इस आरोप पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है.

फिलहाल डॉक्टरों का कार्य बहिष्कार जारी है. अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है कि डॉक्टरों की सुरक्षा और मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं को सामान्य करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं.