जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): राजधानी रांची और जमशेदपुर के बच्चों एवं युवाओं को फैशन इंडस्ट्री में बड़ा मुकाम दिलाने और मुंबई में करियर बनाने के सुनहरे सपने दिखाने वाली इवेंट कंपनी ‘सना डिजाइनर’ विवादों में घिर गई है. आरोप है कि कंपनी ने प्रतिभागियों से पैसे वसूलने के बावजूद होटल का बकाया भुगतान नहीं किया, जिसके चलते कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ा. इस घटना से बच्चों और उनके अभिभावकों में भारी निराशा और आक्रोश है.
दरअसल, सना डिजाइनर की ओर से रविवार शाम राष्ट्रीय राजमार्ग-33 स्थित वेव इंटरनेशनल होटल में ‘डिवा एंड डिवो एनवे सीजन-3’ कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इस आयोजन में रांची और जमशेदपुर समेत आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बच्चे और युवा शामिल हुए थे. प्रतिभागियों को फैशन की दुनिया में पहचान दिलाने के साथ ब्रांड एंबेसडर के रूप में चयन, पेड फोटोशूट और भविष्य में काम के अवसर उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया था.
ऐसे में आयोजकों ने प्रचार के दौरान यह भी दावा किया था कि प्रतिभागियों को प्रोफेशनल मेकअप आर्टिस्ट तैयार करेंगे और डिजाइनर आउटफिट में रैंप वॉक करने का मौका मिलेगा. सभी प्रतिभागियों को सैश वाली पट्टी देने के साथ टॉप-3 को क्राउन और ट्रॉफी देने की बात कही गई थी. इसके अलावा कुछ चुनिंदा बच्चों को आने वाले कार्यक्रमों में पेड वर्क दिलाने और फैशन इंडस्ट्री में उनकी प्रोफाइल मजबूत बनाने का आश्वासन भी दिया गया था.
लेकिन जिस आयोजन से बच्चों को अपने सपनों की शुरुआत होने की उम्मीद थी, उसका अंत निराशा के साथ हुआ. जानकारी के मुताबिक, आयोजन समिति ने करीब दो महीने पहले होटल की बुकिंग कराई थी. इसके लिए होटल प्रबंधन के साथ कुल 1.90 लाख रुपये में समझौता हुआ था. इसमें करीब 150 लोगों के भोजन और पूल साइड पर रैंप वॉक के लिए जगह उपलब्ध कराने की व्यवस्था शामिल थी. हालांकि, कार्यक्रम शुरू होने तक आयोजकों ने तय रकम का आधा भुगतान भी नहीं किया था.
ऐसे में कार्यक्रम के दौरान होटल प्रबंधन ने बकाया राशि नहीं मिलने पर परिसर की बिजली बंद करवा दी. इससे क्राउन सेरेमनी समेत कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम बीच में ही रुक गए. इसके बाद भी आयोजन समिति की ओर से भुगतान को लेकर कथित तौर पर टालमटोल की जाती रही. आखिरकार होटल प्रबंधन ने मामले की जानकारी चांडिल थाने को दी. पुलिस मौके पर पहुंची और देर रात तक आयोजन समिति के प्रमुख फैजान से पूरे मामले को लेकर पूछताछ की गई.
इस पूरे विवाद में सबसे बड़ा सवाल प्रतिभागियों से वसूली गई रकम को लेकर उठ रहा है. जानकारी के अनुसार, कंपनी ने प्रत्येक बच्चे से तीन हजार रुपये लिए थे. बताया जा रहा है कि इस तरह आयोजन समिति ने करीब तीन लाख रुपये जुटाए, लेकिन होटल का बकाया भुगतान नहीं किया गया. इससे कार्यक्रम में शामिल बच्चों और उनके अभिभावकों के बीच नाराजगी बढ़ गई. रांची और जमशेदपुर से पहुंचे कई प्रतिभागियों ने खुद को ठगा हुआ महसूस किया और आयोजकों की कार्यशैली पर सवाल उठाए.
