Jharkhand

दोनों घुटनों का एक साथ सफल ऑपरेशन, एनएसयू ने चिकित्सा क्षेत्र में जोड़ी नई उपलब्धि

Rohit Kumar Sr. Correspondent
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दोनों घुटनों का एक साथ सफल ऑपरेशन, एनएसयू ने चिकित्सा क्षेत्र में जोड़ी नई उपलब्धि

जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ने जटिल ऑर्थोपेडिक उपचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है. अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने एक मरीज के दोनों घुटनों का एक साथ टोटल नी रिप्लेसमेंट सफलतापूर्वक किया. ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है और चिकित्सकों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है. इस सफलता के बाद अस्पताल प्रबंधन ने इसे विशेषज्ञ चिकित्सकों, सर्जिकल टीम, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया. संस्थान के चेयरमैन मदन मोहन सिंह ने  कहा कि अस्पताल लगातार आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है. उनका कहना है कि बेहतर इलाज की सुविधा मरीजों को अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध कराना संस्थान की प्राथमिकता है.

मदन मोहन सिंह ने बताया कि अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के साथ आधुनिक चिकित्सा उपकरण और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा उपलब्ध है. इसी क्रम में करीब दो माह पहले अत्याधुनिक एमआरआई सेवा भी नियमित रूप से शुरू की गई है. इससे जमशेदपुर और आसपास के इलाकों के मरीजों को उन्नत जांच के लिए दूसरे शहरों में जाने की जरूरत कम होगी. एक ही परिसर में जांच और उपचार की सुविधा मिलने से मरीजों के समय और खर्च दोनों की बचत होगी.

एमबीबीएस की सीटें 100 से बढ़कर हुईं 200

मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में भी संस्थान को इस वर्ष बड़ी उपलब्धि मिली है. चेयरमैन के अनुसार, नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज में अब एमबीबीएस की 200 सीटों पर नामांकन लिया जाएगा. पिछले वर्ष तक कॉलेज में 100 सीटों की स्वीकृति थी. आवश्यक राष्ट्रीय मानकों को पूरा करने के बाद इस वर्ष अतिरिक्त 100 सीटों की मंजूरी मिली है. इससे मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में संस्थान की क्षमता दोगुनी हो गई है.

25 एकड़ में नए मेडिकल कॉलेज की तैयारी
मदन मोहन सिंह ने बताया कि संस्थान का विस्तार जमशेदपुर तक सीमित नहीं रहेगा. रांची-टाटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैरंडी बाजार के पास करीब 25 एकड़ जमीन में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस मदन मोहन मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का निर्माण तेजी से चल रहा है. प्रबंधन के मुताबिक नए संस्थान में वर्ष 2027 से ओपीडी सेवाएं शुरू करने और 2028 से मेडिकल शिक्षा का संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है. अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि यह परियोजना झारखंड के साथ-साथ पूर्वी भारत में चिकित्सा शिक्षा और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.