जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): पूर्वी सिंहभूम जिले में एक बार फिर नक्सली सक्रिय हुए हैं. बोड़ाम और गालूडीह थाना क्षेत्र में नक्सलियों के सक्रिय होने की सूचना है. यहां 10-12 की संख्या में नक्सलियों के घूमने की बात सामने आई है. इस दस्ते का नेतृत्व 5 लाख का इनामी नक्सली बिरेन सिंह उर्फ सागर कर रहा है. बिरेन के साथ उसकी पत्नी नक्सली मीणा, मदन महतो आदि नक्सली शामिल है. बोड़ाम और गालूडीह के अलावा पटमदा और श्यामसुंदरपुर थाना क्षेत्र में भी इनके घूमने की सूचना है. 2 दिन पहले नक्सलियों के गालूडीह के पहाड़ी इलाके मिर्गीटांड़ और चाटरी इलाके में विचरण करने की सूचना पुलिस को मिली है. जिले में एक बार फिर नक्सली गतिविधियां बढ़ने से जिला पुलिस भी सतर्क हो गई है और जगह-जगह सर्च ऑपरेशन चल रही है. संबंधित इलाकों में भी दबिश बढ़ा दी गई है. बताया जा रहा है कि पश्चिम सिंहभूम जिले में सुरक्षाबलों के बढ़ते दवाब के कारण सारंडा के जंगलों में छिपे नक्सली इधर-उधर भाग रहे है. इसी क्रम में नक्सली बिरेन अपने दस्ते के साथ पूर्वी सिंहभूम जिले के जंगलों में छिपा है. सूत्रों के अनुसार बिरेन दस्ता किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में है.
कारोबारियों में दहशत
जिले में नक्सली गतिविधियां एक बार फिर शुरू होने के बाद कारोबारियों में दहशत है. सूत्र के अनुसार बिरेन के दस्ते ने गालूडीह और बोड़ाम थाना क्षेत्र में स्थित पेट्रोल पंप मालिकों से लेवी की मांग की है. नक्सली बिरेन खुद को रवि सरदार बात कर पेट्रोल पंप मालिकों से लेवी की मांग कर रहा है. पेट्रोल पंप मालिकों द्वारा संबंधित थानों में इसकी शिकायत की गई है. बिरेन सरायकेला खरसावां जिले के नीमडीह थाना क्षेत्र का रहने वाला है. नीमडीह के टेंगाडीह टोला बेनाडीह गांव निवासी बिरेन इलाके को भली भांति जानता है. सूत्रों के अनुसार बिरेन अपने दस्ते के साथ बाइक पर विचरण कर रहा है. हालांकि उसके अपने गांव में वापस जाने की सूचना नहीं है.
2024 में जिला हुआ था नक्सल मुक्त
पूर्वी सिंहभूम जिला वर्ष 2024 में नक्सल मुक्त जिला घोषित हुआ था. तब केंद्र सरकार ने पूर्वी सिंहभूम जिला सहित राज्य के धनबाद, दुमका, हजारीबाग और पलामू जिले को नक्सल प्रभावित सूची से हटा दिया था. पूर्वी सिंहभूम जिले में नक्सलियों के समाप्त होने का सबसे बड़ा कारण कान्हु मुंडा का अपने दस्ते के साथ सरेंडर करना था. 15 फरवरी 2017 को खूंखार नक्सली कान्हु मुंडा ने अपने दस्ते के साथ सरेंडर कर दिया था. गुड़ाबांधा निवासी कान्हु मुंडा पर 25 लाख रुपए का इनाम घोषित था. उसने अपने 7 साथियों के साथ आत्मसर्पण किया था. इसके बाद जिले में नक्सली गतिविधि समाप्त हो गई थी. 2024 में जिले को नक्सलमुक्त घोषित कर दिया गया. अब फिर से यहां नक्सलियों की सक्रियता में सुरक्षाबलों की चिंता बढ़ा दी है.
नक्सली सचिन के बंगाल में छिपे होने की सूचना
सारंडा में सुरक्षाबलों के दवाब के कारण सभी नक्सली इलाका छोड़ रहे है. पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा थाना क्षेत्र में रहने वाला नक्सली सचिन भी सारंडा छोड़ चुका है. रीजनल कमेटी सदस्य और 15 लाख रुपए का इनामी नक्सली राम प्रकाश मार्डी उर्फ सचिन पश्चिम बंगाल में छिपा है. पटमदा के सीमावर्ती इलाका बंगल में उसके होने की सूचना है. सचिन पटमदा के झुंझका गांव का रहने वाला है. 4 मार्च 2007 को घाटशिला के बागुड़िया में तत्कालीन सांसद सुनील महतो की हत्या में उसका नाम शामिल है. बताया जा रहा है कि सांसद के बॉडीगार्ड से लूटा गया इंसास भी सचिन के पास है. सुरक्षाबलों के बढ़ते दवाब के कारण एक करोड़ का इनामी नक्सली मिसिर बेसरा और असीम मंडल उर्फ आकाश भी सारंडा के जंगल छोड़ चुके है.
