Jharkhand

कोल्हान में जंगली हाथियों का कहर, बांस बागान को कर रहे नष्ट

Rohit Kumar Sr. Correspondent
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कोल्हान में जंगली हाथियों का कहर, बांस बागान को कर रहे नष्ट

जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): कोल्हान में जंगली हाथी कहर ढा रहे है. हाथियों के हमले में लोग मर रहे हैं तो कईयों को हाथियों ने घायल भी किया है. हाथियों का कहर ऐसा है कि बच्चे स्कूल जाने से भी कतरा रहे हैं. पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पश्चिम सिंहभूम जिले में जंगली हाथियों का कहर देखने को मिल रहा है. भोजन की तलाश में हाथी गांवों में घुस रहे हैं और उत्पात मचा रहे हैं. इस दौरान हाथियों ने कई घरों को भी ध्वस्त किया है. घर में रखे अनाज चट कर गए हैं. हाथी स्कूलों में भी घुस बच्चों के मिड डे मिल के लिए रखे चावल खा रहे हैं. खेतों को भी नुकसान हाथी पहुंचा रहे हैं. बांस के बागान को भी हाथियों ने काफी नुकसान पहुंचाया है. वन विभाग लोगों को सुरक्षा नहीं दे पा रहा, जिससे लोगों में विभाग के प्रति रोष है. हाथियों के कारण लोग शाम ढलने के बाद घरों से नहीं निकल रहे है. 

बांस के बागान नष्ट कर रहे गजराज
पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया प्रखंड में हाथियों का कहर काफी अधिक है. यहां बांस के बागान को हाथियों ने काफी नष्ट किया है. मौरबेड़ा में 25 हाथियों का एक दल पहुंचा है. यहां बांस के बागान को हाथियों ने पूरी तरह नष्ट कर दिया है. किसानों को लाखों का नुकसान हुआ है. मौरबेड़ा के अलावा मचाडीह, जमुआ, बाड़मारा आदि गांवों में हाथियों का उत्पात मचा रहे है. हाथियों के कारण कई मार्ग पर आवागमन बाधित हो रहा है. रात के अलावा दिन में भी हाथियों को सड़कों पर देखा जा रहा है. इसके कारण बच्चों का स्कूल प्रभावित हो रहा है. बच्चे डर से स्कूल नहीं जा रहे है. जबकि कामगार शाम ढलने से पहले गांव वापस आ रहे है. हाथियों का खौफ इतना है कि कई गांव के ग्रामीण अपने साथ बड़ा टॉर्च लेकर आना-जाना कर रहे है. क्योंकि हाथियों से कब और कहां सामना हो जाए, कहना मुश्किल है. चाकुलिया वन क्षेत्र में 50 से अधिक हाथी अलग अलग जगह घूम रहे है. कई जगहों पर  झुंड में तो कई जगहों पर सिंगल हाथियों का कहर देखने को मिल रहा है.

चांडिल में एक सप्ताह में 25 से अधिक घर तोड़े
सरायकेला खरसावां जिले के चांडिल वन क्षेत्र में भी हाथियों का लगातार उत्पात देखने को मिल रहा है. एक सप्ताह में यहां हाथियों ने 25 से अधिक घर ध्वस्त कर दिए हैं. चांडिल, ईचागढ़, नीमडीह के कई गांवों में हाथियों का उत्पात है. ईचागढ़ का मैसाड़ा, बुरुहातु, कालीचमदा, बाबूचामदा में हाथियों ने कई घर तोड़ डाले है. ग्रामीणों का कहना है कि हाथी के कारण रात की नींद हराम हो गई है. करीब 2 सप्ताह से इन गांवों के लोग सोये नहीं है. झुंड से बिछड़ा एक हाथी इन गांवों में घुस रहा है और घरों को तोड़ रहा है. वन विभाग से कई बार शिकायत करने के बाद भी हाथी को खदेड़ा नहीं गया है. शिकायत लेकर ग्रामीण वन विभाग के कार्यालय जाते हैं तो कार्यालय भी बंद मिलता है.