Jharkhand

नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य और तकनीक पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित

Rohit Kumar Sr. Correspondent
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नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य और तकनीक पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित

जमशेदपुर (JAMSHSDPUR): जमशेदपुर स्थित नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को केंद्र में रखकर दो दिवसीय राष्ट्रीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया.विश्वविद्यालय के रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर के शोधार्थियों, शिक्षकों, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने भाग लिया. माइंडटेक : अनुसंधान, नवाचार और तकनीक के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य की नई परिकल्पना विषय पर यह कार्यशाला आयोजित हुई. कार्यशाला का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई तकनीकों, शोध और नवाचार की संभावनाओं पर चर्चा करना था. कार्यक्रम के दौरान डिजिटल मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शोध, नैदानिक सेवाओं में तकनीकी उपयोग, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े नैतिक मुद्दे तथा भविष्य की चुनौतियों और अवसरों जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से अपने विचार रखे. कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में पुणे स्थित आर्म्ड फोर्स मेडिकल कॉलेज की सहायक प्राध्यापक लेफ्टिनेंट कर्नल प्रेरणा दीक्षित और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) रांची के सहायक प्राध्यापक डॉ. जयदीप पति शामिल हुए. दोनों विशेषज्ञों ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने में तकनीक की भूमिका पर प्रकाश डाला. 

कुलाधिपति ने किया उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने किया. उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य आज वैश्विक चिंता का विषय बन चुका है. युवाओं के बीच इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर रहा है. कुलपति प्रो. डॉ. प्रभात कुमार पाणि ने कहा कि आधुनिक तकनीक और शोध के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दी जा सकती है. उन्होंने विद्यार्थियों और शोधार्थियों को समसामयिक विषयों पर शोध के लिए प्रेरित किया. दो दिवसीय इस कार्यशाला में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने इसे उपयोगी, ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक पहल बताया. आयोजकों ने सभी वक्ताओं, प्रतिभागियों और सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया.