Jharkhand

योग से स्वस्थ तन-मन का संदेश, नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी में भव्य आयोजन

Rohit Kumar Sr. Correspondent
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योग से स्वस्थ तन-मन का संदेश, नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी में भव्य आयोजन

जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): जमशेदपुर के पोखारी और  आदित्यपुर स्थित प्रतिष्ठित नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी और नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन किया गया. इसमें नेताजी सुभाष पब्लिक स्कूल की विभिन्न शाखाओं (पोखारी, हल्दीपोखर, बिरसानगर, आदित्यपुर, परसुडीह, बारीडीह और राखामाइंस) के स्कूली बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया. छोटे-छोटे स्कूली बच्चों ने प्राणायाम और विभिन्न योगासनों का अभ्यास कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया और बचपन से ही स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का एक सुंदर संदेश दिया.

इस विशेष मौके पर सभी संस्थानों के प्रशासनिक अधिकारियों, संकाय सदस्यों, नर्सिंग स्टाफ, एमबीबीएस और यूनिवर्सिटी के विभिन्न विभागों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया. सुबह के शांत वातावरण में आयोजित इस सत्र में योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में कपालभाति, अनुलोम-विलोम, सूर्य नमस्कार और विभिन्न ध्यान विधाओं !का अभ्यास कर मानसिक व शारीरिक आरोग्यता का संकल्प लिया गया. 


इस अवसर पर संस्थान के कुलाधिपतिऔर सचिव मदन मोहन सिंह ने सभी छात्र-छात्राओं और चिकित्सा जगत से जुड़े भावी डॉक्टरों से कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा को एक सूत्र में पिरोने का संपूर्ण विज्ञान है. आधुनिक युग में जहाँ युवा पीढ़ी और विशेषकर हमारे छात्र शैक्षणिक व करियर के मोर्चे पर भारी तनाव से गुजर रहे हैं, वहीं हमारे डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ भी दिन-रात मरीजों की सेवा में मानसिक दबाव झेलते हैं. ऐसे में योग हमारे लिए जीवनदायिनी शक्ति बन सकता है. हमारा विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज निरंतर इस दिशा में प्रयासरत है कि प्रत्येक विद्यार्थी को न केवल उत्कृष्ट करियर और शैक्षणिक अवसर प्राप्त हों, बल्कि उनका स्वास्थ्य और भविष्य भी एक नई ऊँचाई और स्वर्णिम चमक हासिल करे. 

हर दिन योग करने का लिया संकल्प
विश्वविद्यालय  के कुलपति डॉ. प्रभात कुमार पाणी ने कह की चिकित्सा विज्ञान और प्राचीन भारतीय योग पद्धति दोनों का मूल उद्देश्य अंततः मानव कल्याण ही है. आज का यह आयोजन हमारे दोनों संस्थानों की उसी साझी प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जहाँ हम बौद्धिक विकास के साथ-साथ समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा दे रहे हैं. मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों और विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों के लिए एकाग्रता और मानसिक संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है, जिसे योग और ध्यान के माध्यम से आसानी से प्राप्त किया जा सकता है. सत्र के समापन पर मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों और विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने योग के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संक्षिप्त परिचर्चा का भी आयोजन किया. इसमें दैनिक जीवन में तनाव प्रबंधन, संतुलित आहार और साक्ष्य-आधारित जीवनशैली पद्धतियों पर विचार साझा किए गए. कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन में दोनों संस्थानों की आयोजन समितियों, छात्रों और संकै सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई. सभी प्रतिभागियों ने हर दिन योग करने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया.