टीएनपी डेस्क(TNP DESK): पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. शुक्रवार को दो और CRPF जवानों को इलाज के लिए MGM अस्पताल में भर्ती कराया गया. जांच के बाद एक जवान में मलेरिया की पुष्टि हुई है, जबकि दूसरे जवान को तेज बुखार और मलेरिया जैसे लक्षण मिलने पर डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है. एक और जवान की हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए रांची के रिम्स भेजने की तैयारी की जा रही थी.
इससे पहले भी तीन CRPF जवानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इनमें से एक जवान की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है. लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद CRPF ने अपने सभी कैंपों में स्वास्थ्य जांच बढ़ा दी है. साथ ही मच्छरों से बचाव के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं.
जिले में एक दिन में मिले 58 नए मरीज
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गुरुवार को जिले में 6,781 लोगों की मलेरिया जांच की गई. इनमें 6,436 लोगों की रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट यानी आरडीटी से जांच हुई, जबकि 345 लोगों के सैंपल स्लाइड के जरिए जांचे गए.
जांच के दौरान 58 नए लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई. इनमें 43 मरीज पी. फाल्सीपेरम से संक्रमित पाए गए, जिसे ब्रेन मलेरिया भी कहा जाता है. इसके अलावा 13 मरीज पी. विवैक्स और दो लोगों में दोनों तरह का संक्रमण मिला.
पोटका में सबसे ज्यादा मरीज मिले
मलेरिया के सबसे ज्यादा मामले पोटका प्रखंड से सामने आए हैं, जहां 22 नए मरीज मिले. इसके अलावा पटमदा में 9, घाटशिला और मुसाबनी में 7-7, दुमरिया में 6, सदर अस्पताल क्षेत्र में 5, जबकि धालभूमगढ़ और जुगसलाई में एक-एक मरीज में संक्रमण की पुष्टि हुई है.
हालांकि राहत की बात यह है कि बहरागोड़ा, चाकुलिया, अर्बन मानगो और अर्बन बिरसानगर में कोई नया मामला सामने नहीं आया.
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने बताया कि जिन इलाकों में मलेरिया के मामले ज्यादा मिल रहे हैं, वहां लगातार जांच, दवा वितरण और निगरानी का काम चल रहा है. स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों की जांच भी कर रही हैं.
उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, शरीर में दर्द या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं.
लोगों से बरतने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को मच्छरदानी का इस्तेमाल करने, घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने और डॉक्टर की सलाह के अनुसार पूरी दवा लेने की सलाह दी है.
लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रभावित इलाकों में सर्विलांस और स्क्रीनिंग अभियान और तेज कर दिया गया है, ताकि संक्रमण को समय रहते रोका जा सके.