जमशेदपुर(JAMSHEDPUR):पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले का खुलासा करते हुए पंजाब के पटियाला निवासी कारोबारी से 3.08 लाख रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है. इस पूरे मामले का खुलासा सिटी एसपी ललित मीणा ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में किया.
फर्जी लिंक से ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार
सिटी एसपी ने बताया कि 7 जुलाई 2026 को साइबर क्राइम थाना बिष्टुपुर को NCCRP पोर्टल के प्रतिबिंब ऐप के माध्यम से शिकायत मिली थी. शिकायतकर्ता करण जैन, निवासी पटियाला पंजाब ने बताया था कि उनके मोबाइल पर एक फर्जी लिंक भेजा गया. लिंक पर क्लिक करने के बाद साइबर अपराधियों ने उनकी निजी जानकारी हासिल कर उनके खाते से 3,08,000 रुपये की ठगी कर ली.मामले की गंभीरता को देखते हुए डुमरिया थाना के आधार पर मुसाबनी के डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई.तकनीकी शाखा की मदद से पुलिस ने जांच करते हुए डुमरिया थाना क्षेत्र के खैरबनी, बॉकीशोल निवासी विकास बारिक (20) और अजय कुमार नायक उर्फ सोनू नायक (31) को हिरासत में लेकर पूछताछ की.
आरोपियों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने साइबर ठगी में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली. उन्होंने पुलिस को बताया कि इस गिरोह में दहीगोड़ा, घाटशिला निवासी कृष्णा ओझा भी शामिल है.आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन, बैंकिंग दस्तावेज और अन्य कागजात बरामद किए. जांच में दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन में मौजूद गूगल पे ट्रांजेक्शन की जांच के दौरान अवैध लेन-देन के साक्ष्य भी मिले.पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है.शुक्रवार को दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि फरार आरोपी कृष्णा ओझा की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है.
आरोपियों का अब तक कोई आपराधिक इतिहास नहीं
पुलिस ने विकास बारिक के पास से एक इनफिनिक्स स्मार्टफोन, एसबीआई का एटीएम कार्ड, कियोस्क बैंकिंग आईडी, पैन कार्ड, आधार कार्ड तथा गूगल पे ट्रांजेक्शन का विवरण बरामद किया. वहीं अजय कुमार नायक के पास से टेक्नो स्मार्टफोन, बैंक ऑफ इंडिया की पासबुक, पैन कार्ड, आधार कार्ड और गूगल पे ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड बरामद हुआ.पुलिस के अनुसार, दोनों गिरफ्तार आरोपियों का अब तक कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला है.
रिपोर्ट-रंजीत ओझा
