जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): एक करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा के साथ अब इक्का - दुक्का नक्सली ही बचे हैं. सुरक्षाबलों के बढ़ते दवाब के कारण मिसिर बेसरा अब सारंडा का जंगल छोड़ चुका है. वह अब पोड़ाहाट के जंगल में छिपा हुआ है. उसके कोल्हान के जंगल में आने जाने की सूचना है. उसके साथ 15 लाख का इनामी नक्सली मेहनत उर्फ मोछू, वीरेंद्र हांसदा समेत एक-दो नक्सली ही बचे हैं. मिसिर बेसरा दस्ते के 16 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है. 28 जुलाई को रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में नक्सलियों का आत्मसमर्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया है. इसमें मिसिर बेसरा के 16 नक्सली समेत कुल 18 नक्सलियों को आत्मसमर्पण कराया जाएगा. तीन महीनों के भीतर मिसिर बेसरा दस्ते के 41 नक्सलियों के सरेंडर करने से मिसिर बेसरा कमजोर हो गया है. मई महीने में भी मिसिर दस्ते के 25 नक्सलियों ने हथियार डाले थे. अब फिर उसके दस्ते के 16 नक्सलियों ने हथियार डाल दिया है.
सारंडा में सर्च ऑपरेशन जारी
सुरक्षाबल पश्चिम सिंहभूम जिले के सारंडा के जंगल में मिसिर बेसरा और उसके दस्ते के बचे नक्सलियों के खिलाफ लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे है. सैकड़ों की संख्या में सुरक्षाबल मिसिर की तलाश में सारंडा के जंगलों में अभियान चला रहे हैं. इसके अलावा कोल्हान और पोड़ाहाट के जंगलों में भी सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी है. हालांकि सारंडा को अब नक्सलियों से मुक्त बताया जा रहा है. लेकिन जब तक मिसिर बेसरा पकड़ा नहीं जाता या उसका एनकाउंटर नहीं होता तब तक सारंडा में सुरक्षाबलों का ऑपरेशन जारी रहेगा.
असीम मंडल समेत कई नक्सलियों ने साथ छोड़ा
पश्चिम सिंहभूम जिले के सारंडा, पोड़ाहाट और कोल्हान के जंगलों में सुरक्षाबलों के बढ़ते दवाब के कारण मिसिर बेसरा दस्ते के कई नक्सलियों ने उसका साथ छोड़ दिया है. एक करोड़ का इमामी नक्सली असीम मंडल उर्फ आकाश ने भी मिसिर का साथ छोड़ दिया है. असीम के पूर्वी सिंहभूम जिले के बोड़ाम के सीमावर्ती इलाके में होने की सूचना है. वहीं, 25 लाख का इनामी नक्सली सचिन भी मिसिर का साथ छोड़ चुका है. दस्ते के नक्सलियों के लगातार सरेंडर करने और कई नक्सलियों के साथ छोड़ने से मिसिर बेसरा अब काफी कमजोर हो गया है. लेकिन एक सवाल अब भी खड़ा हो रहा है कि क्या मिसिर बेसरा सरेंडर करेगा? उसके पकड़े जाने या उसका एनकाउंटर होने के बाद ही पश्चिम सिंहभूम जिला पूर्ण रूप से नक्सल मुक्त होगा.
