जमशेदपुर (Jamshedpur): पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा में प्रस्तावित पत्थर खनन पट्टा को लेकर ग्रामीणों की आपस में बन नहीं रही है. कुछ ग्रामीण इसका विरोध कर रहे है तो कुछ ग्रामीण इसका समर्थन कर रहे है. पटमदा की ओड़िया पंचायत के कांकू गांव में पत्थर खनन पट्टा प्रस्तावित है. कल यानी शुक्रवार को जहां कई ग्रामीणों ने इसके विरोध में जमशेदपुर स्थित डीसी कार्यालय में प्रदर्शन किया था तो वहीं, शनिवार को कई ग्रामीण इसके समर्थन में डीसी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया. शनिवार को बड़ी संख्या में डीसी कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया. ग्रामीण खनन विभाग का कार्यालय भी गए और प्रदर्शन किया. इसमें काफी संख्या में महिलाएं भी शामिल थी. प्रदर्शन के बाद डीसी के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया और वहां केशर शुरू करने की मांग की.
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि खनन शुरू होने से कई युवाओं को रोजगार मिलेगा. काफी संख्या में लोग यहां रोजगार के लिए पलायन करते है. यहां क्रशर खुला तो स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और पलायन रुकेगा. 33 रैयत परिवारों ने इसे शुरू करने के लिए जमीन दी है. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग निजी स्वार्थ के कारण परियोजना का विरोध कर रहे है.
कल विरोध में हुआ था प्रदर्शन
कांकु में प्रस्तावित पत्थर खनन पट्टा के विरोध में शुक्रवार को कांकु और इसके आसपास के ग्रामीणों ने डीसी कार्यालय में प्रदर्शन किया था. उनका कहना था कि क्षेत्र में पहले से ही पत्थर खनन पट्टा है इसलिए दूसरे की जरूरत नहीं है. तख्तियां लेकर ग्रामीण जुलूस की शक्ल में डीसी ऑफिस पहुंचे थे. ग्रामीणों का कहना था कि इसके शुरू होने से ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ेगा. ग्रामीणों ने प्रस्तावित पत्थर खदान की स्वीकृति प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की थी. जानकारी हो कि कांकु में 5.90 एकड़ भूमि पर पत्थर खदान स्थापित करने की योजना है.
