Jharkhand

जमशेदपुर टिनप्लेट कंपनी हादसा: मुआवजे की मांग पर धरना, कांग्रेस-भाजपा नेताओं में नोकझोंक

Rajnish Sinha
Rajnish Sinha
Sr. Copy Editor

जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): गोलमुरी स्थित टिनप्लेट कंपनी में हुए औद्योगिक हादसे में एक मजदूर की मौत के बाद कंपनी गेट के बाहर माहौल तनावपूर्ण रहा. मृतक के परिजनों को मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता धरने पर बैठ गए. प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा और मुआवजे को लेकर मिले आश्वासन के बाद स्थिति शांत हुई.

50 लाख मुआवजा और स्थायी नौकरी की उठी मांग

धरने में शामिल लोगों ने कंपनी प्रबंधन के सामने मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग रखी. इसके साथ ही परिवार के एक सदस्य को कंपनी में स्थायी नौकरी देने की मांग भी की गई. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि औद्योगिक हादसे में मजदूर की जान जाने के बाद उसके परिवार के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है. ऐसे में कंपनी प्रबंधन को परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए. मृतक के परिजन और धरने में शामिल लोग कंपनी प्रबंधन के साथ वार्ता की मांग पर भी अड़े रहे. प्रदर्शन में कांग्रेस और भाजपा से जुड़े नेता भी पहुंचे और पीड़ित परिवार को उचित सहायता देने की मांग का समर्थन किया.

कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच बढ़ा विवाद

धरना-प्रदर्शन के दौरान किसी बात को लेकर कांग्रेस और भाजपा के कुछ नेताओं के बीच बहस शुरू हो गई. देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया. मौके पर धक्का-मुक्की और हाथापाई जैसी स्थिति बनने से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई. वहां पहले से मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश की. तनाव बढ़ता देख अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया. अतिरिक्त जवानों के पहुंचने के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया और दोनों पक्षों को अलग कर माहौल शांत कराया गया.

देर रात तक जारी रहा प्रदर्शन

मुआवजे और नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शन देर रात तक चलता रहा. इस दौरान कंपनी गेट के आसपास पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए रहा. बाद में मुआवजे को लेकर आश्वासन मिलने के बाद हंगामा शांत हुआ. घटना के बाद अब मृतक के परिवार को मिलने वाली सहायता और अन्य मांगों पर कंपनी प्रबंधन के अगले कदम पर नजर है. कंपनी प्रबंधन की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का भी इंतजार किया जा रहा है.


रिपोर्ट – रंजीत कुमार ओझा