जमशेदपुर (Jamshedpur): शहर के मानगो स्थित सहारा सिटी दुष्कर्म मामले में पीड़िता और उसकी मां की कोर्ट में गवाही हुई. गवाही के बाद मामले ने नया मोड़ लिया है. जिन पर पीड़िता ने उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था, उन्हें अब पीड़िता ने पहचानने से इनकार कर दिया है. कोर्ट के समक्ष पीड़िता ने पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता के भाई गुड्डू गुप्ता, तत्कालीन डीएसपी अजय केरकेट्टा, एमजीएम थाना के तत्कालीन थाना इमदाद अंसारी सहित 22 आरोपियों को पहचानने से इनकार कर दिया. पीड़िता और उसकी मां की स्पेशल पाक्सो कोर्ट में गवाही हुई. पीड़िता ने कोर्ट में बताया है कि उसके साथ सिर्फ 4 लोगों ने दुष्कर्म किया था. इनमें नानक सेठ, शिव कुमार महतो, श्रीकांत महतो और इंद्रपाल सैनी शामिल है. पीड़िता ने बताया है कि नानक सेठ और उसकी बहन अनीता जबरन 22 लोगों की तस्वीर दिखाते थे और उनका नाम रटवाते थे. इनपर दुष्कर्म का आरोप लगाने की बात दोनों द्वारा कही जाती थी. नाम नहीं याद करने पर मारपीट की जाती थी. वहीं, पीड़िता की मां का कहना है कि नानक सेठ ने जबरन मुझसे एक सादे कागज पर साइन करवाया था. मैं किसी को नहीं पहचानती थी. अब दोनों की गवाही के बाद केस ने नया मोड़ ले लिया है. जानकारी हो कि पीड़िता ने पहले तत्कालीन डीएसपी, थानेदार समेत 22 लोगों को आरोपी बताया था.
क्या है घटना
मानगो सहारा सिटी में नाबालिग से दुष्कर्म का एक केस मानगो थाना में 28 जनवरी 2019 को दर्ज किया गया था. पीड़िता की मां के बयान पर केस दर्ज हुआ था. इसमें शिव कुमार महतो, श्रीकांत महतो, इंद्रपाल सैनी समेत अन्य को आरोपी बनाया गया था. आरोप लगाया था कि तीनों से पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया और वीडियो बनाया. इसके बाद ब्लैकमेल कर पीड़िता से देह व्यापार कराया गया. पुलिस ने तीनों आरोपी शिव कुमार महतो, श्रीकांत महतो, इंद्रपाल सैनी को जेल भेज दिया था. बाद में श्रीकांत महतो को जमानत मिल गई थी. वहीं, दो आरोपी शिव कुमार महतो और इन्द्रपाल सैनी को 25 -25 साल की सजा सुनाई गई थी.दोनों फिलहाल घाघीडीह जेल में सजा काट रहे है. वहीं, कोर्ट के आदेश पर इस मामले में तत्कालीन डीएसपी, थानेदार समेत 22 लोगों को धारा 319 के तहत आरोपी बनाया गया था. पीड़िता ने कोर्ट और पुलिस के समक्ष इन 22 लोगों पर भी उसके साथ गलत करने का बयान दिया रहा. हालांकि अब उसके 22 लोगों को पहचानने से इनकार कर दिया है.
