Jharkhand

नर्सिंग पढ़ने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय में अब 100-100 सीटों पर होगा दाखिला

Diksha Benipuri
Diksha Benipuri
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जमशेदपुर: शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग को बीएससी नर्सिंग और जीएनएम पाठ्यक्रमों में सीटों की संख्या बढ़ाने की मंजूरी मिल गई है. अब दोनों पाठ्यक्रमों में 100-100 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जा सकेगा. इसके अलावा एएनएम पाठ्यक्रम के लिए भी 50 सीटों की स्वीकृति मिली है.

इससे पहले संस्थान में बीएससी नर्सिंग और जीएनएम की 60-60 सीटें निर्धारित थीं. सीटों में यह बढ़ोतरी संस्थान के लिए अहम उपलब्धि मानी जा रही है. विश्वविद्यालय के अनुसार, वह झारखंड का पहला विश्वविद्यालय है, जिसके नर्सिंग संस्थान को इन दोनों पाठ्यक्रमों में 100-100 सीटों की क्षमता की स्वीकृति मिली है.

सीटों में वृद्धि से झारखंड के साथ-साथ आसपास के राज्यों के उन विद्यार्थियों को भी फायदा मिलेगा, जो नर्सिंग के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं. अधिक सीट उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को अपने राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा हासिल करने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा. साथ ही, प्रशिक्षित नर्सिंग कर्मियों की बढ़ती जरूरत को पूरा करने में भी यह पहल उपयोगी साबित हो सकती है.

नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग में विद्यार्थियों के प्रशिक्षण के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने का दावा किया गया है. संस्थान में अत्याधुनिक लैब, सिमुलेशन सेंटर, पुस्तकालय और हॉस्टल की व्यवस्था है. छात्रों को क्लिनिकल अनुभव देने के लिए सुपर-स्पेशलिटी हॉस्पिटल सेटअप के अलावा विभिन्न अस्पतालों के साथ शैक्षणिक और प्रशिक्षण संबंधी सहयोग भी किया गया है.

विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने इस उपलब्धि पर शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि सीटों में बढ़ोतरी संस्थान की लगातार मेहनत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है. उनका कहना है कि नर्सिंग केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि मरीजों की सेवा से जुड़ा महत्वपूर्ण क्षेत्र है. संस्थान का लक्ष्य ऐसे प्रशिक्षित और संवेदनशील नर्सिंग प्रोफेशनल तैयार करना है, जो देश और विदेश में अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर सकें.

विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, बढ़ी हुई सीटों के अनुरूप संस्थान के बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया गया है. नए सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को डिजिटल लर्निंग, आधुनिक तकनीक और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग का लाभ देने की तैयारी है. इच्छुक विद्यार्थी प्रवेश से संबंधित जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट या परिसर में संपर्क करके प्राप्त कर सकते हैं.