Jharkhand

जमशेदपुर: ब्रेन मलेरिया से पीड़ित बच्चे की एमजीएम में मौत, डेंगू का खतरा भी बढ़ा

Rohit Kumar Sr. Correspondent
Rohit Kumar Sr. Correspondent
Copy Editor

जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है. कपाली में रहने वाले  12 साल के बच्चे  हरीश बिरुली की मौत ब्रेन मलेरिया से हुई है. उसका इलाज एमजीएम अस्पताल में चल रहा था. तबियत बिगड़ने पर परिजन उसे इलाज के लिए एमजीएम लेकर आए थे. यहां जांच के दौरान ब्रेन मलेरिया की पुष्टि हुई थी. उसकी हालत पहले से ही गंभीर थी.  उसे पीआईसीयू में भर्ती किया गया. डॉक्टरों की टीम लगातार उसका इलाज कर रही थी, लेकिन देर रात उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई. तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी. डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे को अस्पताल लाए जाने के समय ही उसकी हालत काफी गंभीर थी. इलाज शुरू करने के साथ ही परिजनों को उसकी स्थिति के बारे में जानकारी दी गई थी. बच्चे की मौत से घर में मातम पसरा है. 

29 नए मलेरिया संक्रमित मिले
जिले में मलेरिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग लगातार जांच कर रहा है. शुक्रवार को कुल 2,952 लोगों की मलेरिया जांच की गई. इसमें 29 लोग संक्रमित पाए गए. इनमें 23 मरीजों में पीएफ मलेरिया यानी मलेरिया का गंभीर रूप पाया गया, जबकि छह मरीजों में पीवी मलेरिया की पुष्टि हुई. पोटका में 673 लोगों की जांच की गई, जिसमें छह लोग मलेरिया संक्रमित मिले. स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार जांच और जागरूकता अभियान चला रही हैं.

15 वर्षीय नाबालिग डेंगू पीड़ित
वहीं, जिले में अब डेंगू का खतरा भी बढ़ रहा है. जमशेदपुर स्थित सीतारामडेरा के किशोरीनगर में 15 वर्षीय नाबालिग की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आई. बच्चे का इलाज टीएमएच में चल रहा है. नाबालिग को पिछले कुछ दिनों से तेज बुखार, सिरदर्द और शरीर में दर्द की शिकायत थी. इसके बाद उसकी जांच कराई गई. एलाइजा टेस्ट में डेंगू की पुष्टि हुई. इस नए मामले के साथ जिले में इस साल डेंगू संक्रमित मरीजों की संख्या चार हो गई है. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से मच्छरों से बचाव के लिए आसपास सफाई रखने और घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की है.