Jharkhand

टाटानगर में बनेगा हाईटेक डिपो, 383 करोड़ की परियोजना से बदलेगी तस्वीर

Saumya Shukla
Saumya Shukla
Reporter | Copy Editor

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): जमशेदपुर के रेल यात्रियों के लिए आने वाले दिनों में अच्छी खबर मिल सकती है. टाटानगर रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में रेलवे एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है. वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के बढ़ते संचालन को देखते हुए यहां नए कोचिंग डिपो के निर्माण और विस्तार की योजना तैयार की गई है. इस परियोजना का प्रस्ताव दक्षिण-पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल ने रेलवे बोर्ड को भेज दिया है. फिलहाल इस पर अंतिम मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है.

इस पूरी परियोजना पर करीब 383.78 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. रेलवे बोर्ड से प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति मिलते ही आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. रेलवे अधिकारियों को उम्मीद है कि मंजूरी मिलने के बाद काम तेजी से आगे बढ़ेगा.

वर्तमान में टाटानगर स्टेशन से कई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन हो रहा है. टाटा से पटना और ब्रह्मपुर के लिए वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं. इसके अलावा रांची-हावड़ा और हावड़ा-राउरकेला वंदे भारत एक्सप्रेस भी टाटानगर होकर गुजरती हैं. लगातार बढ़ रही यात्रियों की संख्या और आधुनिक ट्रेनों की जरूरत को देखते हुए रेलवे यहां सुविधाओं को और बेहतर बनाना चाहता है.

इस योजना के तहत टाटानगर स्टेशन के मौजूदा कोचिंग डिपो को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा. नया डिपो लोको कॉलोनी क्षेत्र में बनाया जाएगा. यहां आधुनिक तकनीक और बेहतर संसाधनों से युक्त सुविधाएं विकसित की जाएंगी. खास तौर पर वंदे भारत ट्रेनों की जांच, मरम्मत और रखरखाव के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी. इससे ट्रेनों की तकनीकी जांच समय पर हो सकेगी और उनका संचालन भी अधिक सुचारू रहेगा.

रेलवे का मानना है कि नया डिपो बनने से टाटानगर स्टेशन की क्षमता में काफी बढ़ोतरी होगी. इसका फायदा सीधे तौर पर यात्रियों को मिलेगा, भविष्य में जमशेदपुर से देश के अन्य शहरों के लिए नई वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत का रास्ता भी आसान हो सकता है. इससे लोगों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा.

इस परियोजना से सिर्फ रेलवे को ही फायदा नहीं होगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. निर्माण कार्य से लेकर तकनीकी सेवाओं तक कई क्षेत्रों में काम के मौके बढ़ सकते हैं. साथ ही जमशेदपुर में रेलवे से जुड़ी आधुनिक सुविधाओं का भी विस्तार होगा.

चक्रधरपुर मंडल के अधिकारियों का कहना है कि रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. इसके बाद निर्माण कार्य धरातल पर उतार दिया जाएगा. अगर सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो आने वाले समय में टाटानगर रेलवे स्टेशन पूर्वी भारत के प्रमुख वंदे भारत मेंटेनेंस केंद्रों में शामिल हो सकता है.