Jharkhand

जमशेदपुर: पोटका में ब्रेन मलेरिया का कहर जारी, दो बहनों की मौत से सदमे में परिवार

Rohit Kumar Sr. Correspondent
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जमशेदपुर: पोटका में ब्रेन मलेरिया का कहर जारी, दो बहनों की मौत से सदमे में परिवार

जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): पूर्वी सिंहभूम जिले में ब्रेन मलेरिया का कहर जारी है. पोटका में इसका प्रभाव सबसे अधिक देखा जा रहा है. चार दिनों के भीतर 2 बहनों की ब्रेन मलेरिया से मौत ने एक परिवार को सदमे में डाल दिया है. परिवार के अलावा पूरा गांव सदमे में है. पोटका प्रखंड के हरिणा पंचायत के कंदर गांव निवासी महावीर सरदार की 2 बेटियों की मौत ब्रेन मलेरिया से पिछले चार दिनों के भीतर हुई. सोमवार की सुबह इलाज के दौरान महावीर की एक साल की बेटी खुशबू सरदार की एमजीएम अस्पताल में मौत हो गई. उसकी बड़ी बेटी सुबोला सरदार (08) की चार दिनों पहले ब्रेन मलेरिया से मौत हुई थी. महावीर सरदार की तीसरी बेटी ब्रेन मलेरिया से पीड़ित हैं और उसका इलाज चल रहा है. 2 बेटियों की मौत और एक बेटी के ब्रेन मलेरिया से पीड़ित होने के कारण महावीर सरदार के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटू पड़ा है. वह आर्थिक तंगी से गुजर रहा है. ऐसे में वह अपनी बीमार बेटी का इलाज कराए ये मृत बेटी का अंतिम संस्कार करें. इधर, ब्रेन मलेरिया से एक और मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है. पोटका में ब्रेन मलेरिया से अब तक 4 की मौत हो चुकी है.

29 नए मरीज मिले

पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया के 29 नए मरीज मिले है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा पोटका में 7 केंद्रों पर विशेष कैंप लगाकर लोगों की स्वास्थ्य की जांच की. इसमें 29 ब्रेन मलेरिया के नए मरीज पाए गए. कुल 465 लोगों की जांच की गई. नए मरीजों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है. मरीजों को दवा उपलब्ध कराई गई है. साथ ही ग्रामीणों को एतिहात बरतने को कहा गया है. पोटका में ब्रेन मलेरिया का सबसे अधिक कहर है. यहां स्वास्थ्य विभाग कैंप किए हुए है. वहीं, ग्रामीण ब्रेन मलेरिया का कहर होने के बाद भी प्रशासन पर मछरदानी वितरण नहीं करने का आरोप लगा रहे है. पोटका में अब भी संकरण का खतरा बना हुआ है. स्वास्थ्य विभाग लगातार कैम्प लगाकर लोगों की स्वास्थ्य की जांच कर रहा है.

पोटका बना हॉट स्पॉट

पूर्वी सिंहभूम के कई प्रखंड में ब्रेन मलेरिया के मरीज मिले है. इसमें बच्चों की संख्या अधिक है. पोटका प्रखंड हॉट स्पॉट बना हुआ है. यहां ब्रेन मलेरिया के मरीजों की संख्या 40 के पास पहुंच गई है. जबकि पूरे जिले में मरीजों की संख्या 66 से अधिक है. पोटका के अलावा गुड़ाबांधा, परसुडीह, राजनगर, चांडिल में भी ब्रेन मलेरिया के मरीज मिले हैं. गंभीर रूप से ग्रसित मरीजों का इलाज एमजीएम में चल रहा है, जबकि अन्य मरीज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में इलाजरत है. ब्रेन मलेरिया के अचानक बढ़ते मामलों से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है.