Jharkhand

एनएसयू में बॉलीवुड नाइट 2026 का भव्य आयोजन, शाल्मली खोलगड़े की गीतों पर झूमा जमशेदपुर

Rohit Kumar Sr. Correspondent
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एनएसयू में बॉलीवुड नाइट 2026 का भव्य आयोजन, शाल्मली खोलगड़े की गीतों पर झूमा जमशेदपुर

जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): जमशेदपुर स्थित नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी में शनिवार की शाम बॉलीवुड नाइट 2026 का भव्य आयोजन किया गया. विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बॉलीवुड की गायिका शाल्मली खोलगड़े और विजुअल डीजे वीडीजे मान ने अपनी गीतों पर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया. इस ऐतिहासिक और भव्य संगीतमय शाम का औपचारिक और आधिकारिक शुभारंभ भारतीय परंपरा के अनुसार विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह, कुलपति डॉ. प्रभात कुमार पाणी आदि ने दीप जलाकर किया. गायिका शाल्मली खोलगड़े के गीतों को सुनने के लिए छात्र और लोग काफी उत्साहित दिखे. बारिश में भी लोग उन्हें सुनने के लिए कैंपस परिसर में जमे रहे. 


शाल्मली ने अपनी परफॉर्मेंस की शुरुआत अपने ब्लॉकबस्टर गाने 'परेशान' (इश्कजादे) से की. इसे सुनते ही हजारों की संख्या में मौजूद छात्र अपनी जगहों पर खड़े होकर झूमने लगे. इसके बाद उन्होंने बलम पिचकारी', 'लत लग गई', 'दारू देसी' और 'बद्तमीज दिल' जैसे एक से बढ़कर एक सुपरहिट गानों की झड़ी लगा दी. शाल्मली के रॉकस्टार अंदाज, उनकी बेमिसाल वोकल रेंज और लाइव बैंड के अद्भुत तालमेल ने समां बांध दिया. उन्होंने न सिर्फ गाने गाए, बल्कि मंच पर अपनी शानदार कोरियोग्राफी और छात्रों के साथ सीधे संवाद से पूरे शो को जीवंत बनाए रखा. उनकी परफॉर्मेंस ने विद्यार्थियों को थिरकने, गाने और मस्ती करने का एक ऐसा प्लेटफॉर्म दिया जिसकी यादें उनके जेहन में हमेशा के लिए अमर हो गईं.

 

विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास रहा है लक्ष्य
मौके पर  कुलाधिपति मदन मोहन सिंह कहा कि विश्वविद्यालय निरंतर इस दिशा में प्रयासरत है कि प्रत्येक विद्यार्थी को न केवल करियर के सर्वश्रेष्ठ अवसर प्राप्त हों, बल्कि उनके संपूर्ण व्यक्तित्व को एक नई ऊँचाई और स्वर्णिम चमक मिले. शिक्षा केवल बंद कमरों या किताबों तक सीमित नहीं हो सकती. हमारा लक्ष्य हमेशा से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास रहा है. बॉलीवुड नाइट 2026 का यह भव्य आयोजन हमारे छात्रों के कठिन परिश्रम, उनकी शैक्षणिक प्रतिबद्धता और मानसिक तनाव को दूर कर उन्हें एक नया उत्साह देने का एक जरिया है. कला और संस्कृति इंसान को संवेदनशील और रचनात्मक बनाती हैं, जो एक सफल प्रोफेशनल बनने के लिए बेहद जरूरी है.

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रभात कुमार पाणी ने कहा कि यह संगीतमय शाम इस बात का जीवंत प्रमाण है कि नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी केवल उच्च स्तरीय तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा में ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और रचनात्मक मंच प्रदान करने में भी देश के किसी भी बड़े विश्वविद्यालय से पीछे नहीं है. एक स्वस्थ शरीर में ही एक स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है, और संगीत हमारी आत्मा को शुद्ध करने का सबसे सशक्त माध्यम है. कठिन परीक्षाओं और प्रोजेक्ट सबमिशन के बाद हमारे विद्यार्थियों के लिए यह एक बेहद जरूरी रीफ्रेशमेंट है. उन्होंने कहा कि हमारा प्लेसमेंट विभाग और पूरी फैकल्टी टीम आपके कल को सुरक्षित करने में दिन-रात जुटी है, और हमारा सांस्कृतिक विंग आपके आज को खुशनुमा बना रहा है.