Jharkhand

प्रकृति प्रेमियों के लिए खुशखबरी, दलमा में बढ़ रहा है वन्यजीवों का संसार

Rohit Kumar Sr. Correspondent
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जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): जमशेदपुर से दलमा से प्रकृति प्रेमियों के लिए अच्छी खबर सामने आई है. वन विभाग ने दलमा में वार्षिक पशुगणना का कार्य पूरा कर लिया है. प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस बार अभयारण्य में कई छोटे और मध्यम आकार के वन्यजीवों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है. पिछले तीन वर्षों से लगातार छोटे वन्यजीवों की आबादी में वृद्धि देखने को मिल रहा है. इस बार भी इसमें वृद्धि की संभावना जताई गई है. इसको लेकर वन विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ वन्यजीव प्रेमियों में भी उत्साह है. वन विभाग के अनुसार बार्किंग डियर, भालू, लाल गिलहरी, मोर, नेवला, खरगोश और बंदरों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है. विशेष रूप से भालुओं की संख्या को लेकर उत्साह अधिक है. पिछली गणना में दलमा में 39 भालू दर्ज किए गए थे, जबकि इस बार उनकी संख्या 45 के पार पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है. यदि यह आंकड़ा सही साबित होता है, तो यह दलमा के जंगलों में बेहतर संरक्षण और अनुकूल प्राकृतिक वातावरण का सकारात्मक संकेत होगा. यहां वन्यजीवों की बढ़ती मौजूदगी न केवल जैव विविधता के लिए शुभ संकेत है, बल्कि भविष्य में इको-टूरिज्म और प्रकृति पर्यटन को भी नई पहचान दे सकती है. हालांकि पशुगणना की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद दलमा के वन्यजीवों के संसार की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी. दलमा डीएफओ सबा आलम अंसारी ने कहा कि पशु गणना का काम पूरा हो चुका है. समग्र रिपोर्ट आने के बाद ही सही जानकारी मिल पाएगी. इस बार की गणना में भी यहां छोटे जानवरों की संख्या बढ़ने की संभावना है. 

कई जीव जंतुओं से गुलजार है दलमा 
दलमा का जंगल कई जीव जंतुओं से गुलजार है. पिछली गणना के अनुसार दलमा में 39 भालू पाए गए थे. 362 जंगली सुअर, 100 बार्किंग डीयर, 37 लंगूर, 1026 बंदर, 8 जंगली कुत्ते, 13 रेटल, 144 लाल गिलहरी, 322 जंगली मुर्गियां, 96 नेवले, 245 मोर, 113 खरहा और 34 लोमड़ियां भी पाई गई थीं। इनमें बंदरों और जंगली सुअरों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई थी, जबकि भालुओं की संख्या भी लगातार बढ़ने के संकेत दे रही है. वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में जंगलों की बेहतर सुरक्षा, वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों के संरक्षण और अवैध शिकार पर नियंत्रण के कारण दलमा का पारिस्थितिक तंत्र मजबूत हुआ है. यही वजह है कि यहां वन्यजीवों की संख्या में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है.  

हाथियों की घटती संख्या चिंताजनक
दलमा में छोटे - मध्यम जीव जंतुओं की संख्या जरूर बढ़ रही है लेकिन यहां हाथियों की संख्या घट रही है. जो चिंता का विषय है. दलमा हाथी संरक्षण के लिए जाना जाता है. लेकिन यहां के जंगली हाथी रिहायशी इलाके में चले गए है. कभी दलमा में 150 से अधिक हाथी दर्ज किए गए थे, लेकिन अब हाथियों की संख्या यहां कम होती जा रही है. हालांकि हाल ही में हाथियों का एक दल दलमा में पहुंचा है. ऐसे में वन विभाग यहां हाथियों की संख्या और बढ़ाने की संभावना जाता रहा है.