जमशेदपुर (JAMSHEDPUR):जमशेदपुर में नदियों में शव मिलने का सिलसिला जारी है. शनिवार को फिर नदी में एक युवक की लाश मिली. यह शव खरकई नदी में तैरता पाया गया. नहाने के क्रम में युवक के डूबने की आशंका जताई जा रही है. बागबेड़ा थाना क्षेत्र के बड़ौदा घाट के पास नदी में शव मिलने से सनसनी फैल गई. बागबेड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. युवक की उम्र 16 वर्ष बताई जा रही है. उसकी पहचान अभी नहीं हुई है. पुलिस को आशंका है कि युवक आसपास का ही है. हालांकि अबतक लोगों ने उसे पहचानने से इनकार किया है. पुलिस युवक के परिजनों का पता लगा रही है. शव को पोस्टमार्टम हाउस के शीतगृह में रखा गया है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. नदी में नहाने गए लोगों ने पानी में युवक को देखा. स्थानीय लोग उसे नदी किनारे लेकर आए. लोगों का कहना था कि नदी किनारे लाने तक उसकी सांस चल रही थी. उसे सीपीआर देकर बचाने का भी प्रयास किया गया. लेकिन थोड़ी देर बाद उसने दम तोड़ दिया. युवक ब्लैक कलर का हॉफ पेंट और टी-शर्ट पहने हुए है. जानकारी हो कि कुछ दिनों पहले भी बड़ौदा घाट के पास खरकई नदी में एक नवजात का शव मिला था. वहीं, मानगो स्थित स्वर्णरेखा नदी में भी एक युवक का शव पाया गया था.
जमशेदपुर में बढ़ रहे डूबने के हादसे
जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में इस वर्ष डूबने की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है. वर्ष 2026 के शुरुआती पांच महीनों में ही डूबने से 13 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें 7 बच्चे भी शामिल हैं. लगातार हो रहे हादसों ने प्रशासन और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है. इस साल की पहली बड़ी घटना 27 जनवरी को डोंगा घाट में हुई थी, जहां नहाने के दौरान 12 वर्षीय अंकुश कालिंदी की नदी में डूबने से मौत हो गई थी. इसके बाद 1 फरवरी को छोटा गोविंदपुर में एक पांच वर्षीय बच्चे शिवम की कुएं में गिरने से जान चली गई. अप्रैल महीने में भी कई दर्दनाक हादसे सामने आए. 9 अप्रैल को जिलिंगगोड़ा स्थित खरकई नदी में नहाने के दौरान सेंट्रल पब्लिक स्कूल के दो छात्रों रौनक भारद्वाज और गुडविन थॉमस की डूबने से मौत हो गई थी. इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया था. वहीं 22 अप्रैल को गंजिया बैराज में नहाने गए कदमा आंध्रा स्कूल के छात्र फहद रहमान की भी डूबने से मौत हो थी. वहीं, 27 मई को टेल्को के मनपिटा स्थित तालाब में 6 वर्षित वीर मुंडा की डूबने से मौत हुई थी. नदी, तालाब, बैराज और खुले कुओं में हो रही ऐसी घटनाएं लगातार लोगों की जान ले रही हैं.
