Jharkhand

डबल डाउन बार हत्याकांड: जानिए बार के बाहर मारपीट के बाद कब क्या हुआ, क्यों बंद है शहर

Rohit Kumar Sr. Correspondent
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डबल डाउन बार हत्याकांड: जानिए बार के बाहर मारपीट के बाद कब क्या हुआ, क्यों बंद है शहर

जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): जमशेदपुर के डबल डाउन बार के बाहर करनी सेना के नेता हिमांशु सिंह की पुलिस के सामने हत्या से पूरे शहर के लोगों में आक्रोश है. इस हत्याकांड से आक्रोशित लोग सड़क पर उतरे और पुलिस के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया. पुलिस कर्मियों से धक्का - मुक्की करने के अलावा लोगों ने पुलिस के वाहन में तोड़फोड़ भी की. सिटी एसपी की कार का शीशा तक तोड़ डाला. पेट्रोलिंग वाहन पर पथराव किया. बिस्टुपुर थाना के गेट बंद कर दिया तो पुलिस कर्मियों को भी खदेड़ा. मामला इतना बढ़ा कि सिटी एसपी को बीच सड़क पर नीचे बैठ परिजनों से वार्ता करनी पड़ी. इस मामले को लेकर शहर में खूब बवाल हुआ. दो जिले के पुलिस कप्तान निपट गए. जबकि बिष्टुपुर थाना प्रभारी, थाना के 2 एएसआई और एक जवान को भी निलंबित कर दिया गया. आज इस मामले को लेकर जमशेदपुर बंद है और लोग सड़क पर प्रदर्शन कर रहे है. जानिए इस पूरे हत्याकांड कब और क्या-क्या हुआ. 

बार में मारपीट से शुरू हुआ विवाद
मामला 27 जून (शनिवार) की रात करीब 11.30 बजे बिष्टुपुर के डबल डाउन बार से शुरू हुआ. यहां छेड़खानी को लेकर दो गुटों में मारपीट होती है. हिमांशु सिंह अपने साथी प्रत्युष समेत अन्य के साथ बार गया हुआ था. यहीं, हत्याकांड का मुख्य आरोपी विश्वजीत मंडल और उसके साथियों के साथ हिमांशु की मारपीट होती है. अंदर खूब लात घुसे चले. बाउंसरों ने सभी को बाहर निकाल दिया. इसी बीच विश्वजीत ने बाहरी युवकों को बुला लिया और बार के बाहर हिमांशु और प्रत्यूष के साथ मारपीट करने लगे. पुलिस के सामने चाकू और कुल्हाड़ी से कई वार किया. पुलिस मूक दर्शक बन खड़ी रही. दोनों घायलों को इलाज के लिए टीएमएच लाया गया. 

सीसीटीवी वायरल होने के बाद बढ़ा मामला
घटना के दूसरे दिन रविवार यानी 28 जून को बार के बाहर मारपीट का सीसीटीवी फुटेज वायरल होता है. इसके बाद मामला बढ़ जाता है. इसमें साफ देखा जा सकता है कि पेट्रोलिंग वाहन से खींच कर और पुलिस के सामने बदमाश हिमांशु और प्रत्यूष पर चापड़ और कुल्हाड़ी से हमला कर रहे है. रविवार को पुलिस इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लेती है. घायल प्रत्यूष को इलाज के लिए कोलकाता रेफर किया जाता है. 

घटना के तीसरे दिन हिमांशु की मौत
घटना के तीसरे दिन यानि सोमवार 29 जून को टीएमएच में इलाज के दौरान हिमांशु सिंह की मौत हो जाती है. इसके बाद लोग पुलिस के खिलाफ सड़क पर उतर आए. बिष्टुपुर स्थित रीगल गोलचक्कर को जाम कर दिया और  पुलिस के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया. इस दौरान लोगों ने पुलिस के वाहन में तोड़फोड़ भी की. पुलिस के साथ धक्का मुक्की भी की और थाना का गेट बंद करते हुए पुलिस को भगा दिया. रात करीब 3 बजे तक लोगों और मृतक के परिजनों ने प्रदर्शन किया. परिजन हत्यारे का एनकाउंटर करने की बात पर अड़ गए और शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया.  इस मामले में बार मालिक भाजपा नेता नीरज सिंह समेत 11 लोगों पर केस दर्ज किया गया.

दिन में थानेदार और रात में एसएसपी हटे
घटना के चौथे दिन यानी 30 जून मंगलवार को भी परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया. आनन फानन में  तत्लकील एसएसपी पीयूष पांडेय ने बिस्टुपुर थाना प्रभारी आलोक कुमार दुबे, 2 एएसआई रतन कुमार दास, राजेश कुमार रंजन और आरक्षी मनोज कुमार को सस्पेंड कर दिया. देर रात तत्लकील एसएसपी पीयूष पांडेय मृतक के घर पहुंचे और परिजनों को मनाने का प्रयास किया. इसी क्रम में देर रात ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पीयूष पांडेय को सस्पेंड कर दिया. उनके साथ उनकी पत्नी सरायकेला की ऐसी निधि द्विवेदी को भी सस्पेंड कर दिया गया. इसके बाद भी लोग शव का पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं हुए. फिर देर रात पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा दिया. घटना के मुख्य आरोपी विश्वजीत मंडल पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया. जोनल आईजी जांच के लिए शहर पहुंचे. घटना स्थल की जांच की.

दिन भर मनाने का प्रयास, शाम में अंतिम संस्कार
घटना के चौथे दिन यानी 1 जुलाई बुधवार को परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया. हंगामा को देखते हुए शहर के 6 थाना क्षेत्र में धारा 163 लगा दिया गया. इसी बीच पुलिस और प्रशासन की टीम दिनभर परिजनों को मनाने का प्रयास करती रही है. परिजनों का आरोप था कि बिना उनके परमिशन के पोलिस ने जबरन शव का पोस्टमार्टम कराया. इसके अलावा  परिजन हिमांशु की पत्नी ऋचा सिंह को स्थाई नौकरी देने और अपराधियों का एनकाउंटर करने की बात पर अड़े रहे. देर शाम पत्नी को नौकरी, अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई और पुलिस के सामने हत्या की बात का लिखित कागजात मिलने के बाद परिजन शव का अतिम संस्कार करने को राजी हुए. भारी भीड़ के बीच शव का अंतिम संस्कार किया गया. वही, पुलिस ने मुख्य आरोपी की तस्वीर जारी की. वही, देर रात डॉ एहतेशाम वकारिब को जिले के नए एसएसपी बनकर भेजा गया.

एनडीए ने निकला मशाल जुलूस
घटना के चौथे दिन यानी 2 जुलाई गुरुवार को हिमांशु हत्याकांड के विरोध में एनडीए ने शहर भर में मशाल जुलूस निकला. वहीं, पुलिस ने हिमांशु हत्याकांड में शामिल 2 और आरोपियों को गिरफ्तार किया. दोनों आरोपी नाबालिग है. इस दौरान हत्याकांड में पहली बार पुलिस का बयान सामने आया. वही, भाजपा नेता नीरज सिंह की गिरफ्तारी के लिए उनके घर में छापेमारी की. 

आज बंद है शहर
घटना के पांचवे दिन यानी 3 जुलाई शुक्रवार को  हिमांशु हत्याकांड और शहर में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं को लेकर एनडीए द्वारा शहर बंद बुलाया गया है. इस दौरान लोग सड़क पर प्रदर्शन कर रहे है. पुलिस और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हो रही है. प्रदर्शन में अभी तक कहीं उपद्रव की सूचना नहीं नहीं है.