Jharkhand

NSU में तकनीकी शिक्षा के साथ आस्था का संगम, नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय में धूमधाम से हुई विश्वकर्मा पूजा

Admin TheNewsPost
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जमशेदपुर : नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय ( NSU ) परिसर में गुरुवार को विश्वकर्मा पूजा श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई. विश्वविद्यालय के अलग-अलग तकनीकी, व्यावसायिक और शैक्षणिक विभागों की प्रयोगशालाओं में भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना की गई. पूजा को लेकर पूरे परिसर में दिनभर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला.विश्वविद्यालय की मैकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, मास कम्युनिकेशन, कंप्यूटर टेक्नोलॉजी, नर्सिंग, फार्मेसी और विज्ञान समेत कई विभागों की प्रयोगशालाओं में विशेष पूजा का आयोजन किया गया. विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.

पूजा संपन्न होने के बाद विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने विभिन्न विभागों और प्रयोगशालाओं का दौरा किया और आयोजन में शामिल हुए. इसके बाद पूजा समिति की ओर से प्रसाद और भोग का वितरण किया गया. बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने प्रसाद ग्रहण किया.इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह, कुलपति प्रो. डॉ. प्रभात कुमार पाणि, कुलसचिव नागेंद्र सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. मोजिब अशरफ, अकादमिक एडवाइजर प्रो. दिलीप शोम, डीन एडमिनिस्ट्रेशन डॉ. राकेश कुमार, डीन एकेडमिक अभिनव कुमार समेत विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे.

कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को निर्माण, सृजन और तकनीकी कौशल का प्रतीक माना जाता है. विश्वकर्मा पूजा केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि मेहनत, हुनर, रचनात्मकता और बेहतर काम के प्रति सम्मान का भी अवसर है. उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ अपने कौशल और जिम्मेदारी को समझने के लिए प्रेरित करते हैं.वहीं, कुलपति प्रो. डॉ. प्रभात कुमार पाणि ने कहा कि विश्वकर्मा पूजा परंपरा और तकनीकी शिक्षा के बीच बेहतर तालमेल का संदेश देती है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की प्रयोगशालाएं विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान और कौशल विकास का अहम हिस्सा हैं. ऐसे आयोजन उन्हें अपने कार्यक्षेत्र, उपकरणों और तकनीकी संसाधनों के प्रति सम्मान का भाव सिखाते हैं.पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिलकर पूजा में हिस्सा लिया. पूजा समिति के सदस्यों ने आयोजन को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. आस्था के साथ-साथ तकनीकी शिक्षा और कौशल के महत्व का संदेश भी इस आयोजन के जरिए सामने आया.