Jharkhand

चाईबासा: महिला को मृत मान चुका था परिवार, जानिए जब 7 साल बाद वापस लौटी तो क्या हुआ

Rohit Kumar Sr. Correspondent
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चाईबासा (chaibasa): पश्चिम सिंहभूम जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामना आया है. जिस महिला को घर वाले और गांव के लोग मृत मान चुके थे वह महिला 7 साल बाद वापस अपने घर लौट आई. महिला को देख सभी आश्चर्यचकित रह गए. जबकि महिला के बच्चे अपनी मां को जिंदा देख फफक कर रो पड़े. इस दृश्य ने सभी ग्रामीणों की आँखें नम कर दी. मामला पश्चिम सिंहभूम जिले के कुमारडूंगी थाना क्षेत्र के बड़ाजाम्बनी गांव का है. महिला चंदू सिंकू  7 साल बाद जब वह वापस लौटी तो पहले किसी को विश्वास नहीं हुआ. महिला अपने बच्चों से लिपट कर रोने लगी. जबकि बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं था. यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है. 
दरअसल, महिला चंदू सिंकू की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी. 7 साल पहले वह घरवालों को बिना बताए कहीं चली गई थी. वह भटकते हुए छत्तीसगढ़ के बिलासपुर पहुंच गई थी. वहां वह भटकते हुए बिलासपुर की एक संस्था श्रद्धावान एनजीओ को मिली थी. संस्था में महिला का इलाज शुरू करवाया. यहां से उसे बेहतर इलाज के लिए नागपुर ले जाया गया.

अब मानसिक स्थिति में है सुधार
नागपुर में महिला का काफी दिनों तक इलाज चला और वह स्वास्थ्य हो गई. एनजीओ को सदस्यों के पूछने पर उसके अपना घर का पता बताया. इसके बाद उसे घर पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की गई. संस्था ने पश्चिम सिंहभूम पुलिस से संपर्क साधा और महिला को उसके अपने घर पहुंचाया गया. महिला के 3 बच्चे है. सभी अपनी मां को वापस पाकर काफी खुश हैं. महिला की मानसिक स्थिति अब पूरी तरह से ठीक हो गई है. महिला को सुरक्षित उसके घर पहुंचाने पर ग्रामीणों ने एनजीओ की काफी सराहना की. महिला का पति राजेंद्र सुरका का भी अपनी पत्नी को वापस देख खुशी का ठिकाना नहीं है.

तीन वर्षों तक पत्नी को खोजा
पति राजेंद्र सुरका ने बताया है कि पत्नी के लापता होने के बाद तीन वर्षों तक काफी खोजबीन की. वह नहीं मिली तो उसे मृत मान लिया गया. तीन बार पत्नी का अंतिम संस्कार करने का प्रयास किया गया, लेकिन हर बात किसी ना किसी कारण अंतिम संस्कार की प्रक्रिया हो नहीं पाई. उसने एकदम उम्मीद खो दिया था कि पत्नी कभी वापस लौटेगी. लेकिन अब पत्नी को वापस देख उसके खुशी का ठिकाना नहीं है. गांव वाले इसे चमत्कार मान रहे है. स्थानीय पुलिस के सहयोग से एनजीओ ने महिला को सकुशल उसके घर पहुंचाया.