जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): संतान का सुख हर दंपत्ति का सपना होता है. लेकिन जब शादी के 10 साल बाद भी यह सपना पूरा ना हो तो कुछ दंपत्ति ऐसे फैसले ले बैठते हैं, जिसके कारण उन्हें सलाखों के पीछे जाना पड़ जाता है. ऐसा ही एक मामला जमशेदपुर से सामने आया है. साकची थाना क्षेत्र से अपहृत 3 साल की बच्ची को पुलिस ने पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिला स्थित झालदा थाना क्षेत्र के पुष्टि गांव से बरामद किया है. जांच में सामने आया है कि दंपत्ति के बच्ची का अपहरण इसलिए किया था क्योंकि उनकी कोई संतान नहीं थी. साकची बाजार में बच्ची को अकेले पाकर दंपत्ति ने उसका अपहरण कर लिया. फिर बच्ची को अपने साथ लेकर बंगाल चले गए. वहां बच्ची का दोनों लालन पोषण कर रहे थे. बुधवार को सिटी एसपी ललित कुमार मीणा ने पूरे मामले का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि संतान नहीं होने के कारण दंपत्ति में बच्ची का अपहरण किया था. बाजार में बच्ची को अकेला घूमता देख दोनों ने उसका अपहरण किया था. आरोपी अब्दुल जसीम उर्फ लखन और उसकी पत्नी अफसाना बेगम को जेल भेज दिया है. दोनों कपाली थाना क्षेत्र में एक किराए का मकान में रहते थे. बच्ची का अपहरण करने के बाद दोनों उसके बंगाल लेकर चले गए.
50 सीसीटीवी कैमरे खंगाले
लोगों का कहना है कि पुलिस ने सराहनीय कार्य किया है. पुलिस की तत्परता से बच्ची सकुशल बरामद हुई. मामले की जांच के दौरान पुलिस ने शहर के अलग-अलग क्षेत्र में लगभग 50 सीसीटीवी कैमरे खंगाले. सीसीटीवी में दंपत्ति बच्ची को अपने साथ ले जाते दिखे. फिर पुलिस कपाली स्थित उनके किराए के मकान पहुंची, लेकिन घर में ताला बंद था. इसके बाद पुलिस आरोपियों के गांव पहुंची और बच्ची को बरामद किया. इस केस को सुलझाने के लिए एसएसपी पीयूष पांडेय ने एसआईटी का गठन किया था.
26 मई को हुआ था अपहरण
साकची बाजार में 26 मई को उलीडीह थाना क्षेत्र के हयात नगर में रहने वाली बच्ची आफरीन (3) अपने माता-पिता के साथ बकरीद की खरीदारी करने आई थी. यहीं से वह लापता हो गई थी. पिता मो इम्तियाज ने इस मामले में साकची थाना में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी. 14 दिनों के बाद पुलिस ने बच्ची को सकुशल बरामद किया. पुलिस ने बच्ची को उसके माता- पिता सौप दिया है.
